नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पुंछ में गुरुवार को हुए आतंकी हमले में पांच जवानों की मौत मामले की जांच एनआईए ने शुरू कर दिया है। एनआईए की एक टीम आज करीब 12:30 बजे घटना स्थल पर पहुंचेगी। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संगठन पीएएफएफ ने इस हमले की जिम्मेदारी है। सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने जवानों के सर्वोच्च बलिदान को सलाम किया है। https://twitter.com/adgpi/status/1649221180258390018?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1649221180258390018%7Ctwgr%5E987dc5b8fca6eda3aea20d9961c1857c630042ec%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fhindi.asianetnews.com%2Fnational-news%2Fpoonch-terror-attack-nia-start-investigation-army-releases-names-of-5-soldiers-killed-vva%2Farticleshow-n82q90y गुरुवार को आतंकियों ने सेना के एक वाहन को निशाना बनाया था। इस हमले में पांच जवानों की मौत हुई थी और एक जवान घायल हो गए थे। एनआईए की एक टीम आज दोपहर करीब 12:30 बजे मौके पर पहुंचेगी। दिल्ली से फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स भी मौके पर पहुंचेंगे। इलाके में सेना द्वारा गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों की पहचान हवलदार मनदीप सिंह, लांस नायक देवाशीष बसवाल, लांस नायक कुलवंत सिंह, सिपाही हरकिशन सिंह और सिपाही सेवक सिंह के रूप में हुई है। ये जवान राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट के थे। इन्हें इलाके में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए तैनात किया गया था। भारतीय सेना के उत्तरी कमान ने बताया है कि आतंकियों ने भारी बारिश और लो विजिबिलिटी का फायदा उठाते हुए हमला किया था। आतंकियों ने तीन तरफ से घेरकर जवानों को ले जा रही गाड़ी पर गोलीबारी की थी। इसी दौरान एक ग्रेनेड फेंका गया, जिसके धमाके से गाड़ी के फ्यूल टैंक में आग लग गई थी। आतंकी हमले की जिम्मेदारी पीएएफएफ ने ली है। यह आंतकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा है। अधिकारियों को संदेह है कि इस हमले में चार आतंकी शामिल थे। आतंकी हमले में जान गंवाने वाले जवानों को सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने शुक्रवार को श्रद्धांजलि दी। भारतीय सेना के एडीजी पीआई ने ट्वीट किया, "जनरल मनोज पांडे और भारतीय सेना के सभी रैंक सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुरों को सलाम करते हैं। हवलदार मनदीप सिंह, लांस नायक देबाशीष बसवाल, लांस नायक एनके कुलवंत सिंह, सिपाही हरकृष्ण सिंह और सिपाही सेवक सिंह ने कर्तव्य के पालन में अपना जीवन लगा दिया।"