राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 राज्यों के राज्यपाल और एक केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल को बदल दिया है। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। रमेश बैस को महाराष्ट्र का नया राज्यपाल बनाया गया है। रमेश बैस- महाराष्ट्र (पहले भगत सिंह कोश्यारी गवर्नर थे। रमेश बैस पहले झारखंड के राज्यपाल थे।) लेफ्टिनेंट जनरल कैवल्य त्रिविक्रम परनाइक- अरुणाचल प्रदेश लक्ष्मण प्रसाद आचार्य- सिक्किम सीपी राधाकृष्णन- झारखंड गुलाब चंद कटारिया- असम शिव प्रताप शुक्ला- हिमाचल प्रदेश ब्रिगेडियर (रिटायर) (डॉ.) बी.डी. मिश्रा- लद्दाख (बी.डी. मिश्रा पहले अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल थे।) ला गणेशन- नागालैंड (पहले मणिपुर के राज्यपाल थे।) फागू चौहान- मेघालय (पहले बिहार के राज्यपाल थे।) राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर- बिहार (पहले हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल थे।) न्यायमूर्ति (रिटायर) एस अब्दुल नजीर- आंध्र प्रदेश बिस्वा भूषण हरिचंदन- छत्तीसगढ़ (पहले आंध्र प्रदेश के राज्यपाल थे।) अनुसुइया उइके- मणिपुर (पहले छत्तीसगढ़ की राज्यपाल थीं।) अपने बयानों के चलते विवाद में थे भगत सिंह कोश्यारी गौरतलब है कि भगत सिंह कोश्यारी अपने बयानों के चलते विवादों में थे। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने केंद्र सरकार से मांग किया था कि भगत सिंह कोश्यारी को महाराष्ट्र के राज्यपाल के पद से हटाया जाए। उन्हें हटाने के लिए धरना-प्रदर्शन और रैलियां भी हुईं थी। 19 जनवरी 2023 को पीएम नरेंद्र मोदी मुंबई आए थे तो कोश्यारी ने कहा था कि वह अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों से मुक्त होना चाहते हैं। पिछले साल उन्होंने एक कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज को पुराने जमाने का हीरो कह दिया था। उसको लेकर विपक्षी दलों ने विरोध किया था। इससे पहले उन्होंने मुंबई के अंधेरी में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि अगर गुजराती और राजस्थानी लोगों को मुंबई और ठाणे से हटा दिया जाए तो मुंबई में पैसा नहीं बचेगा। इस बयान के चलते कोश्यारी को माफी मांगनी पड़ी थी। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि राज्यपाल बदलना महाराष्ट्र पर एहसान नहीं है। कई राज्यपाल बदले गए हैं। एक साल से महाराष्ट्र के लोग शिवाजी महाराज और सावित्रीबाई फुले पर उनकी (बीएस कोश्यारी) टिप्पणी के कारण राज्यपाल बदलने की मांग कर रहे थे।