यूनिक समय, नई दिल्ली। प्रसिद्ध यूट्यूबर ध्रुव राठी की मुश्किलें कानूनी मोर्चे पर बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने वर्ष 2018 के एक बहुचर्चित मानहानि मामले में उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई विकास सांक्रित्यायन द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है, जिसमें ध्रुव राठी पर उनके वीडियो के जरिए मानहानिकारक और झूठे आरोप लगाने का दावा किया गया था। 'बीजेपी आईटी सेल पार्ट-2' वीडियो से जुड़ा है मामला यह पूरा मामला ध्रुव राठी द्वारा बनाए गए वीडियो "बीजेपी आईटी सेल पार्ट-2" से संबंधित है। शिकायतकर्ता विकास सांक्रित्यायन का आरोप है कि इस वीडियो में राठी ने उनके खिलाफ कई बेबुनियाद और मानहानि करने वाले दावे किए थे, जिससे उनकी साख को नुकसान पहुंचा। साकेत कोर्ट ने क्यों जारी किया जमानती वारंट? साकेत कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राहुल जैन की अदालत में इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत को अवगत कराया गया कि ध्रुव राठी को पहले भी नोटिस और समन भेजे गए थे, लेकिन उनके दिए गए पते पर पहुंचने पर परिसर हमेशा बंद मिला, जिसके चलते शिकायतकर्ता ने अदालत के सामने यह पक्ष रखा कि ध्रुव राठी आमतौर पर विदेश में रहते हैं और इसी कारण पिछले कई वर्षों से समन तामील कराने में देरी हो रही है। फिर शिकायतकर्ता की ओर से सुनवाई की तारीख पहले करने की गुहार लगाए जाने के बाद साकेत कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। 31 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई पहले इस मामले की सुनवाई 20 नवंबर को होनी तय थी, लेकिन शिकायतकर्ता की अर्जी और परिस्थितियों को देखते हुए साकेत कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 31 अक्टूबर 2026 की तारीख मुकर्रर की है। दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को किया गिरफ्तार वही दिल्ली पुलिस ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ शांति भंग करने से जुड़ी धारा 126/170 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें देर रात गिरफ्तार कर लिया। दीपके को शुक्रवार को कनॉट प्लेस में 'लहरा दो तिरंगा' रैली के आयोजन से पहले हिरासत में लिया गया था। पिछले 8 दिनों के भीतर उनके खिलाफ यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। पुलिस उन्हें स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट में पेश करने जा रही है। बेल बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने के कारण उन्हें तिहाड़ जेल भेजा जा सकता है, जहां उनके साथी सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास पहले से ही बंद हैं। वहीं, हिरासत में ली गईं वामपंथी छात्र संगठन 'आइशा' (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा समेत अन्य लोगों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सख्त हिदायत देकर रिहा कर दिया गया है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: World: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला; रूस से जुड़े प्रतिबंधों और टैरिफ से भारत को मिली बड़ी राहत; ‘ग्राहम एक्ट’ पर दी छूट ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]