यूनिक समय, मथुरा। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक चुनाव के लिए मथुरा जिले में शुक्रवार सुबह 8 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई है। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, और यह मतदान प्रक्रिया शाम 4 बजे तक चलेगी। जिलेभर में कुल 15 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां 17,363 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। मतदान केंद्रों और मतदेय स्थलों का विवरण प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में बनाए गए 15 मतदान केंद्रों का भौगोलिक दायरा इस प्रकार है कि मथुरा शहर में 3, वृंदावन में 1 और देहात क्षेत्र में 11 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, और इन सभी केंद्रों पर स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 19-19 मतदेय स्थल निर्धारित किए गए हैं, जिससे मतदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। अधिकारियों की देखरेख में रवाना हुई थीं पोलिंग पार्टियां मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए गुरुवार को ही वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पोलिंग पार्टियों को उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया था। मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार की उपस्थिति में मतदान कर्मियों को मतपेटियां और सभी आवश्यक चुनाव सामग्रियां उपलब्ध कराई गईं, जिसके बाद सभी पार्टियां अपने निर्धारित केंद्रों पर पहुंच गईं। मतदाताओं की संख्या 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के अनुसार मथुरा जिले में खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के कुल 6,694 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें 4,315 पुरुष और 2,379 महिला मतदाता शामिल हैं। खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 10,669 मतदाता हैं, जिनमें 7,175 पुरुष और 3,494 महिला मतदाता अपना वोट डाल रहे हैं। इस तरह जिले में दोनों क्षेत्रों को मिलाकर कुल 17,363 मतदाता इस चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। डीएम चंद्र प्रकाश सिंह की विशेष अपील जिला मजिस्ट्रेट चंद्र प्रकाश सिंह ने सभी योग्य स्नातक और शिक्षक मतदाताओं से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “आपका वोट, आपकी ताकत है।” डीएम ने सभी से अपील की है कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने में अपना योगदान दें। मतदान के लिए पहचान पत्र अनिवार्य भारत निर्वाचन आयोग के सख्त निर्देशों के अनुसार, मतदान के दौरान किसी भी प्रकार के प्रतिरूपण (फर्जी मतदान) को रोकने के लिए पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य किया गया है। जिन मतदाताओं के पास मतदाता फोटो पहचान पत्र है, उन्हें वह दिखाना होगा। यदि किसी मतदाता के पास पहचान पत्र उपलब्ध नहीं है, तो वे अपनी पहचान साबित करने के लिए आयोग द्वारा निर्धारित वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक का उपयोग कर सकते हैं। मान्य वैकल्पिक दस्तावेज वैकल्पिक दस्तावेजों में आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, सरकारी या निजी औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र, तथा सांसदों, विधायकों और पार्षदों को जारी सरकारी पहचान पत्र शामिल हैं। इसके अलावा संबंधित शिक्षक या स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता के लिए शैक्षिक संस्थान द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र, विश्वविद्यालय की डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड भी मान्य होगा। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: मथुरा में आज से शुरू हो रहा भव्य ‘ब्रज रज उत्सव’ 2026; 2 नवंबर तक सजेगा संस्कृति और भक्ति का मंच ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]