
यूनिक समय, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने चौंकाने वाले फैसलों और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की सीमाओं को लांघते हुए एक ऐसा कदम उठाया है जिसने पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया है। ट्रंप ने खुद को वेनेजुएला का ‘एक्टिंग राष्ट्रपति’ (कार्यवाहक राष्ट्रपति) घोषित कर दिया है। यह घोषणा उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक विवादित पोस्ट के जरिए की।
एडिट की हुई फोटो से मचाया हड़कंप
डोनाल्ड ट्रंप ने विकिपीडिया के एक आधिकारिक पेज जैसी दिखने वाली एक डिजिटल रूप से एडिट की हुई तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में ट्रंप का आधिकारिक पोर्ट्रेट लगा है और उसके नीचे साफ तौर पर लिखा है— “वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति (एक्टिंग राष्ट्रपति)”। इस पोस्ट के साथ ही ट्रंप ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि अब वेनेजुएला का नियंत्रण सीधे तौर पर उनके यानी अमेरिका के हाथों में है।
निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और अमेरिकी एक्शन
यह पूरा घटनाक्रम इसी महीने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुआ। अमेरिका ने एक सैन्य हमले के बाद मादुरो को पकड़ा था। उन पर अब अमेरिका की अदालतों में ड्रग्स तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा चलाया जाएगा। मादुरो की गिरफ्तारी के तुरंत बाद ही ट्रंप ने साफ कर दिया था कि अब अमेरिका वेनेजुएला की कमान संभालेगा, लेकिन किसी दूसरे देश की संप्रभुता को दरकिनार कर खुद को वहां का राष्ट्रपति घोषित करना अंतरराष्ट्रीय नियमों के लिहाज से एक बड़ा विवाद बन गया है।
संवैधानिक उत्तराधिकार बनाम ट्रंप का दावा
हकीकत यह है कि वेनेजुएला के सुप्रीम ट्रिब्यूनल ऑफ जस्टिस ने संवैधानिक प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए पहले ही उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया था। वेनेजुएला की कानून व्यवस्था के अनुसार, राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में सत्ता का हस्तांतरण घरेलू संवैधानिक उत्तराधिकार प्रक्रिया के तहत होता है, न कि किसी विदेशी राष्ट्रपति के आदेश से। हालांकि, ट्रंप ने इन सभी संवैधानिक बाधाओं को नजरअंदाज करते हुए खुद को ही सर्वेसर्वा घोषित कर दिया है।
मार्को रूबियो को लेकर भी किया मजाक
इतना ही नहीं, ट्रंप ने मियामी में एक और मजाकिया लेकिन विवादित विचार का समर्थन किया। उन्होंने एक पोस्ट को कैप्शन दिया— “मुझे यह अच्छा लग रहा है”, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो को क्यूबा का राष्ट्रपति बनाने की बात कही गई थी। ट्रंप के इन कदमों को राजनीतिक विश्लेषक ‘पावर प्रोजेक्शन’ के रूप में देख रहे हैं, जबकि वेनेजुएला की जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसे देश की संप्रभुता पर सीधे हमले के तौर पर देख रहे हैं।
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