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इंदौर में प्रदर्शनकारियों ने फूंके शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण के पुतले, ‘पठान’ पर बैन की मांग

by यूनिक समय • December 15, 2022
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‘वीर शिवाजी ग्रुप’ नामक संगठन के कार्यकर्ताओं ने अगले साल जनवरी में रिलीज़ होने जा रही फिल्म पर प्रतिबंध की मांग की और आरोप लगाया कि फिल्म ‘पठान’ तथा उसके गीत ‘बेशर्म रंग…’ की विषयवस्तु से हिन्दू समुदाय अपमानित और आहत महसूस कर रहा है.

इंदौर: ‘बॉलीवुड के बादशाह’ कहे जाने वाले शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की आगामी फिल्म ‘पठान’ तथा उसके गीत ‘बेशर्म रंग…’ के खिलाफ इंदौर शहर में एक संगठन ने विरोध प्रदर्शन किया, और दोनों मशहूर अदाकारों के पुतले जलाए.

इंदौर के मालवा मिल चौराहे पर एकत्र होकर ‘वीर शिवाजी ग्रुप’ नामक संगठन के कार्यकर्ताओं ने ‘पठान’ के गीत ‘बेशर्म रंग…’ को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और शाहरुख खान एवं दीपिका पादुकोण के पुतले फूंके. प्रदर्शनकारियों ने अगले साल जनवरी में रिलीज़ होने जा रही फिल्म पर प्रतिबंध की मांग की और आरोप लगाया कि इस गीत की विषयवस्तु से हिन्दू समुदाय अपमानित और आहत महसूस कर रहा है.

इससे पहले, मध्य प्रदेश के गृहमंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने महू कस्बे के नज़दीक भगवान परशुराम की जन्मस्थली जानापाव कुटी में पूजा-अर्चना करने के बाद इंदौर में संवाददाताओं से कहा, “दूषित मानसिकता के साथ फिल्माए गए गाने ‘बेशर्म रंग…’ में अभिनेता और अभिनेत्री को आपत्तिजनक रूप से हरे और भगवा रंग के कपड़े पहनाए गए हैं… इन कपड़ों के रंग, गाने के बोल और फिल्म के नाम (पठान) में सुधार की आवश्यकता है… मेरा मानना है कि गाने का शीर्षक ‘बेशर्म रंग…’ भी अपने आप में आपत्तिजनक है…”

नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अगर ‘पठान’ के निर्माता और निर्देशक ने गीत के कुछ दृश्यों में सुधार नहीं किए, तो राज्य में फिल्म के प्रदर्शन को अनुमति देने या न देने पर विचार किया जाएगा.

गृहमंत्री ने यह भी आरोप लगाया था कि दीपिका पादुकोण दिल्ली के जवारहलाल नेहरू विश्वविद्यालय में कथित ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ के समर्थन में पहुंची थीं. उन्होंने कहा था कि इस कदम के बाद अभिनेत्री की मानसिकता पहले ही सबके सामने आ चुकी है. मिश्रा ने शाहरुख खान पर भी निशाना साधते हुए कहा, “यह अच्छी बात है कि वह (शाहरुख खान) हाल ही में माता वैष्णोदेवी के दर्शन करने गए थे… मगर एक तरफ वह माताजी के दर्शन करने जाते हैं, तो दूसरी तरफ महिला अदाकारों को अपनी फिल्मों में बिकिनी में ले आते हैं, यह भी ठीक नहीं है…”

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