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के.डी. हॉस्पिटल में मरीज के दिल की हुई सफल एंजियोप्लास्टी

by manish • September 28, 2023
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मथुरा। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. शिवानंद पटेल ने बाजना, मथुरा निवासी हार्ट अटैक मरीज चतुर सिंह (60) की ब्लॉक हो चुकी दिल की नाड़ियों में तुरंत एंजियोप्लास्टी कर उसकी जान बचाने में सफलता हासिल की। अब मरीज बिल्कुल स्वस्थ है।

जानकारी के अनुसार विगत दिवस चतुर सिंह (60) निवासी बाजना, मथुरा के सीने में असहनीय दर्द और बहुत कम रक्तचाप होने के चलते गम्भीर हालत में के.डी. हॉस्पिटल लाया गया। मरीज की स्थिति को देखते हुए कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. शिवानंद पटेल ने तत्काल एंजियोग्राफी कराई जिससे पता चला कि उसके दिल की तीनों नाड़ियां पूरी तरह बंद हैं। डॉ. पटेल ने परिजनों को मरीज की गम्भीर स्थिति से अवगत कराया तथा तत्काल सर्जरी की सलाह दी।

परिजनों की सहमति के बाद डॉ. शिवानंद पटेल और उनकी टीम द्वारा मरीज की एंजियोप्लास्टी के माध्यम से बंद नाड़ियों को खोला गया। बंद नाड़ियों के खुलते ही मरीज की धड़कन शुरू हो गई, उसके बाद उसकी बायपास सर्जरी की गई। अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ है तथा उसे छुट्टी दे दी गई है। इस सर्जरी पर डॉ. पटेल का कहना है कि ऐसे केस में बहुत कम लोगों की जान बच पाती है। के.डी. हॉस्पिटल में हृदयाघात के दौरान हृदय की मुख्य नली की प्राइमरी एंजियोप्लास्टी की गई और मरीज की जान बचाई गई। डॉ. पटेल बताते हैं कि एंजियोप्लास्टी प्रक्रिया में मुख्य नली को तार और बैलून डाल कर खोला गया तथा मुख्य नली में स्टेंट डाला गया। 24 घंटे बाद मरीज का रक्तचाप बगैर दवाइयों के सामान्य हो गया।

डॉ. पटेल का कहना है कि मरीज चतुर सिंह को जब के.डी. हॉस्पिटल लाया गया था तब उसके सीने में असहनीय दर्द के साथ ही उसका रक्तचाप बहुत कम था। इतना ही नहीं उसे डायबिटीज थी तथा दिल भी कम काम कर रहा था। इसे कार्डियोजेनिक शॉक की स्थिति कहते हैं। ऐसे मरीज को तुरंत एंजियोप्लास्टी की जरूरत होती है जिसे प्राइमरी एंजियोप्लास्टी कहते हैं। प्रायः ऐसे मरीज जिनकी हृदय की मुख्य नली बंद होने से हृदयाघात होता है, प्राइमरी एंजियोप्लास्टी करने के बाद भी बचने की उम्मीद बहुत कम ही रहती है, लेकिन चतुर सिंह सर्जरी के बाद पूरी तरह स्वस्थ है।

आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका तथा उप-प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार ने मरीज की जान बचाने वाले कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. शिवानंद पटेल और उनकी टीम को बधाई देते हुए चतुर सिंह के स्वस्थ तथा सुखद जीवन की ईश्वर से कामना की।

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