महाराष्ट्र के नांदेड़ में दो दिन पहले एक सरकारी अस्पताल में अचानक 24 लोगों की मौत हो गई थी। इसपर अस्पताल के डीन श्यामराव वाकोडे ने अस्पताल के खिलाफ लापरवाही के आरोपों को खारिज कर दिया। साथ ही कहां कि अस्पताल में दवाओं की कमी नहीं है। मरीजों को गंभीर कंडीशन में अस्पताल लाया गया था। https://twitter.com/ANI/status/1709037798089744835?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1709037798089744835%7Ctwgr%5Eaa6ff5b088a5c646353998e202cdc7c97bdbd34c%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fhindi.news24online.com%2Fstate%2Fmumbai%2Fdean-of-nanded-hospital-clarified-on-the-death-of-24-people-patients-were-brought-in-critical-condition%2F368461%2F विपक्ष महाराष्ट्र सरकार और अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगा रहा हैं - Maharashtra news महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक सरकारी अस्पताल में अचाचक 30 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच 12 नवजात शिशुओं सहित 24 लोगों की मौत हो गई थी। इस को लेकर विपक्ष महाराष्ट्र सरकार और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के बरतने को लेकर लगातार हमला बोल रहा है। इसी बीच शंकरराव चव्हाण सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल नांदेड़ के डीन श्यामराव वाकोडे ने मंगलवार को अस्पताल के खिलाफ लापरवाही के आरोपों को खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि अस्पताल में दवाओं की कमी नहीं है। मरीजों को गंभीर कंडीशन में अस्पताल लाया गया था। यह भी पढ़ेः - जल्द बनेगा उत्तर प्रदेश आयुष बोर्ड: सीएम योगी अस्पताल के डीन वाकोडो ने कहा कि ज्यादातर मरीजों की मौत सांप के काटने से हुई है। इसके अलावा कई मरीज मधुमेह, लीवर फेलियर और किडनी फेलियर जैसी विभिन्न बीमारियों से पीड़ित थे, सभी मरीजों को प्रोपर इलाज दिया गया था लेकिन उनके शरीर ने कोई रिस्पॉन्ड नहीं किया। उन्होंने आगे कहा कि 70-80 किलोमीटर के दायरे में यह एकमात्र अस्पताल है, यहां पर दूर-दूर से मरीज आते हैं।