यूनिक समय, नई दिल्ली। झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधली को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा पूरी तरह फूट पड़ा है। सोमवार को हजारों की संख्या में छात्र सुरक्षा के तमाम पुख्ता इंतजामों को ध्वस्त करते हुए विधानसभा के गेट नंबर-1 तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार हिंसक झड़प हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन (पानी की बौछार), आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। कंटीले तार और 6-लेयर सुरक्षा भी रोकने में नाकाम सुबह करीब 10 बजे से अभ्यर्थी ओल्ड विधानसभा परिसर के पास एकत्रित होना शुरू हुए और वहां से विधानसभा घेराव के लिए मार्च निकाला। प्रशासन की ओर से पूरे इलाके में बीएनएस (BNS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई थी और सुरक्षा के लिए 6-लेयर की बैरिकेडिंग, कंटीले तार व सीसीटीवी कैमरों का व्यापक इंतजाम किया गया था। इसके बावजूद छात्र एक के बाद एक सभी बैरिकेड्स तोड़ते हुए आगे बढ़ते चले गए। जब पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग किया, तो अभ्यर्थी बैरिकेड्स पर चढ़कर राष्ट्रगान गाने लगे और विरोध दर्ज कराया। उग्र होते माहौल के बीच हुए लाठीचार्ज में कुछ छात्रों को सिर में गंभीर चोटें आई हैं, वहीं प्रदर्शनकारियों की ओर से भी पुलिस पर पानी की बोतलें और चप्पलें फेंकी गईं। तेज बारिश के बावजूद हजारों छात्र विधानसभा गेट पर डटे हुए हैं। राहुल गांधी का बयान राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करने के साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि झारखंड के छात्रों के लिए उनकी पार्टी का संदेश पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा, "झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल का इस्तेमाल पूरी तरह गलत है। युवाओं को शांतिपूर्ण विरोध का लोकतांत्रिक अधिकार है और किसी भी समस्या का समाधान केवल बातचीत से ही निकल सकता है।" राहुल गांधी ने अपनी ही गठबंधन सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि राज्य सरकार को आंदोलनकारी छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना चाहिए। जंतर-मंतर मामले पर अमित शाह और पीएम मोदी पर बोला हमला आज शाम के करीब छह बजे राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले दिनों हुए प्रदर्शन और लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने सवाल किया कि अमित शाह को देश को यह बताना चाहिए कि जंतर-मंतर पर युवाओं पर शूटिंग और बल प्रयोग की अनुमति किसने दी थी? राहुल गांधी ने कहा, "गृहमंत्री अमित शाह को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उन्होंने लाठीचार्ज के आदेश दिए थे। अगर उन्हें इस घटनाक्रम की जानकारी नहीं थी, तो वे अपने पद के लिए अयोग्य हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 दिनों से न तो प्रधानमंत्री और न ही गृहमंत्री में संसद में आकर इन मुद्दों पर चर्चा करने की हिम्मत हुई है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: World: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अंतरिक्ष से मिला खास संदेश; ISS पर रूसी कॉस्मोनॉट्स ने फहराया तिरंगा ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]