Fri, Jun 5th, 2026
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KGMU Conversion Scandal: डॉ. रमीज के लैपटॉप से खुला ‘जन्नत’ फोल्डर का काला राज; कॉल गर्ल्स की लिस्ट बरामद

by Tarun Bhardwaj • January 21, 2026
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यूनिक समय, नई दिल्ली। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में धर्मांतरण के दबाव और यौन शोषण मामले में गिरफ्तार आरोपी डॉ. रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज से हुई 48 घंटे की पुलिस पूछताछ में ऐसे चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसने जांच एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। पुलिस रिमांड के दौरान रमीज के पास से दो लैपटॉप और मोबाइल बरामद हुए हैं, जिनमें पिछले 13 वर्षों का काला चिट्ठा मौजूद है। सूत्रों के मुताबिक, रमीज ने ‘जन्नत’ नाम से एक खास फोल्डर बना रखा था, जिसमें हिंदू लड़कियों के मोबाइल नंबर, उनकी व्यक्तिगत जानकारी और आपत्तिजनक वीडियो सहेजे गए थे।

13 साल का डिजिटल डेटा

पुलिस की पूछताछ और फॉरेंसिक जांच में सामने आया है कि डॉ. रमीज अपनी हर गतिविधि का डिजिटल रिकॉर्ड रखता था। उसके दूसरे लैपटॉप से 50 से ज्यादा युवतियों के वीडियो मिले हैं, जिनमें उसकी पहली पत्नी के अलावा कई अन्य लड़कियां भी शामिल हैं। पुलिस को संदेह है कि इन वीडियो का इस्तेमाल वह लड़कियों को ब्लैकमेल करने और उन पर धर्मांतरण का दबाव बनाने के लिए करता था। इसके अलावा, लैपटॉप में कॉल गर्ल्स की एक लंबी सूची भी मिली है। आशंका जताई जा रही है कि रमीज इन कॉल गर्ल्स का इस्तेमाल मुस्लिम युवाओं को धर्मांतरण के रैकेट में शामिल करने और उन्हें लालच देने के लिए करता था।

रमीज की ‘रहस्यमयी’ चुप्पी

48 घंटे की रिमांड के दौरान पुलिस और एसटीएफ (STF) ने रमीज से 120 से ज्यादा सवाल पूछे। जब उससे महिला रेजिडेंट डॉक्टर पर धर्मांतरण के दबाव, आगरा के डॉ. परवेज से कनेक्शन और नेपाल सीमा तक फैले उसके नेटवर्क के बारे में पूछा गया, तो उसने चुप्पी साध ली। हालांकि, उसने यह स्वीकार किया कि वह पीड़िता के संपर्क में था, लेकिन धर्मांतरण के प्रयास में अपने माता-पिता की भूमिका से साफ इनकार कर दिया। पुलिस को उसके मोबाइल से कई डिलीट किए गए चैट और नंबर मिले हैं, जिन्हें रिकवर करने के लिए फॉरेंसिक टीम की मदद ली जा रही है।

मेडिकोज ग्रुप और तीन मददगारों के नाम

जांच में यह भी पता चला है कि रमीज केजीएमयू के ‘मेडिकोज ग्रुप’ के जरिए मेडिकल छात्रों पर अपना प्रभाव जमाता था। पूछताछ में उसने अपने तीन करीबियों के नाम उगले हैं, जिन्होंने फरारी के दौरान दिल्ली में उसकी मदद की थी। रमीज ने कबूल किया कि वह नशे की हालत में कई आपत्तिजनक गतिविधियों को अंजाम देता था। पुलिस अब उन तीन मददगारों और नेपाल सीमा तक फैले उसके नेटवर्क की तलाश में जुट गई है। पीड़िता ने सुरक्षा कारणों से आरोपी रमीज के सामने आने से साफ इनकार कर दिया है, जिसके बाद पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस धर्मांतरण सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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