Cricket News: गौतम गंभीर की छुट्टी की खबरों पर BCCI ने तोड़ी चुप्पी; कोच के भविष्य पर आया बड़ा फैसला

BCCI breaks silence on reports of Gautam Gambhir's leave

यूनिक समय, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर के भविष्य को लेकर पिछले कुछ दिनों से जारी अटकलों पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली ऐतिहासिक हार के बाद गंभीर को पद से हटाने की मांग तेज हो गई थी, लेकिन बोर्ड ने फिलहाल इन तमाम अफवाहों को खारिज करते हुए कोच का बचाव किया है।

BCCI सचिव दिया करारा जवाब

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने ‘स्पोर्टस्टार’ को दिए एक बेबाक इंटरव्यू में आलोचकों को करारा जवाब दिया। बीसीसीआई सचिव ने कहा, “भारत 140 करोड़ लोगों का देश है और यहां हर कोई खुद को क्रिकेट एक्सपर्ट समझता है। लोगों को अपनी राय रखने का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन बीसीसीआई के फैसले सोशल मीडिया की बातों पर नहीं, बल्कि योग्यता के आधार पर लिए जाते हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि बीसीसीआई में पूर्व क्रिकेटरों की एक क्रिकेट कमेटी और पांच योग्य चयनकर्ता हैं। टीम और कोच से जुड़े कड़े फैसले यही लोग लेते हैं, न कि जनता की राय के आधार पर बदलाव किए जाते हैं।

मनोज तिवारी की ‘अल्टीमेटम’ वाली मांग

पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने हाल ही में गंभीर को हटाने की वकालत की थी। उन्होंने कहा था कि अगर सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम T20 वर्ल्ड कप 2026 नहीं जीत पाती है, तो बीसीसीआई को गंभीर को मुख्य कोच के पद से हटाकर एक “बड़ा और मुश्किल फैसला” लेना चाहिए।

T20 में ‘बादशाह’, टेस्ट-वनडे में ‘बेअसर’

गौतम गंभीर के कार्यकाल में टीम इंडिया का प्रदर्शन दो अलग-अलग छोरों पर रहा है। गंभीर की कोचिंग में भारत ने लगातार 7 टी20 सीरीज और टूर्नामेंट जीते हैं, जिसमें एशिया कप का खिताब भी शामिल है। टी20 में भारत दुनिया की सबसे खतरनाक टीम बनी हुई है। गंभीर के कोच रहते भारत को 2024 में न्यूजीलैंड से घरेलू टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप, 2025 में दक्षिण अफ्रीका से हार और फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में शिकस्त झेलनी पड़ी। यह भारतीय क्रिकेट इतिहास के वे दाग हैं जो गंभीर के कार्यकाल पर सवाल उठा रहे हैं। बोर्ड के बयान से साफ है कि गंभीर की कुर्सी फिलहाल सुरक्षित है और बीसीसीआई उन्हें टी20 वर्ल्ड कप 2026 तक पूरा मौका देने के पक्ष में है।

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