Fri, Jun 5th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

Budget Session 2026: संसद के बजट सत्र के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा संबोधन

by Tarun Bhardwaj • January 29, 2026
Advertisement
Ad

यूनिक समय, नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए देश के भविष्य और सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर अपना विजन साझा किया। पीएम ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का मूल मंत्र ‘समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचना’ है, जिसे अब उनके विरोधी भी स्वीकार करने लगे हैं। उन्होंने 21वीं सदी के इस दौर को भारत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया।

पीएम मोदी के संबोधन की 5 बड़ी बातें:

2047 का लक्ष्य और वित्त मंत्री का ऐतिहासिक रिकॉर्ड

पीएम ने कहा कि 21वीं सदी का पहला चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अब हम दूसरे क्वार्टर (25 वर्षों के दौर) में प्रवेश कर रहे हैं। यह ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय है। उन्होंने बताया कि निर्मला सीतारमण देश की पहली ऐसी महिला वित्त मंत्री बनने जा रही हैं, जो लगातार 9वीं बार संसद में बजट पेश कर इतिहास रचेंगी।

रिफॉर्म एक्सप्रेस और ‘मानव केंद्रित’ व्यवस्था

प्रधानमंत्री ने अपनी नीति को रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म बताया। उन्होंने कहा, “हम अब रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं।” उन्होंने जोर दिया कि सरकार के सभी फैसले और तकनीक का उपयोग ‘मानव केंद्रित’ (Human-Centric) है। देश अब लंबित समस्याओं को छोड़कर लॉन्ग टर्म सॉलूशन्स के रास्ते पर बढ़ चुका है।

यूरोपीय संघ (EU) के साथ FTA

यूरोपीय संघ के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर चर्चा करते हुए पीएम ने भारतीय मैन्युफैक्चरर्स को मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि अब बाजार खुल गया है, इसलिए भारत को क्वालिटी पर सबसे ज्यादा बल देना चाहिए। यदि हम बेहतरीन उत्पाद बाजार में लाते हैं, तो हम 27 देशों के खरीदारों का पैसा ही नहीं, बल्कि दिल भी जीत लेंगे, जिससे ‘ब्रांड इंडिया’ का गौरव बढ़ेगा।

आखिरी व्यक्ति तक सुविधाओं की पहुंच

पीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने सैचुरेशन (पूर्णता) के सिद्धांत पर काम किया है। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा, “यह बात तो हमें नापसंद करने वाले भी मानते हैं कि इस सरकार ने समाज के आखिरी व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने पर बल दिया है।” भारत की डेमोक्रेसी (लोकतंत्र) और डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) आज दुनिया के लिए एक बड़ी उम्मीद है।

राष्ट्रपति के अभिभाषण का महत्व

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण की सराहना करते हुए इसे 140 करोड़ देशवासियों के आत्मविश्वास की अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी सांसद राष्ट्रपति जी के मार्गदर्शन को गंभीरता से लेंगे और सदन की गरिमा को बढ़ाएंगे।

प्रधानमंत्री के भाषण से साफ है कि आगामी बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि यह 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक ‘ब्लूप्रिंट’ की तरह काम करेगा। क्वालिटी, रिफॉर्म और अंतिम छोर तक विकास ही इस सरकार की अगली प्राथमिकता है।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े: Cricket News: गौतम गंभीर की छुट्टी की खबरों पर BCCI ने तोड़ी चुप्पी; कोच के भविष्य पर आया बड़ा फैसला

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.