
यूनिक समय, नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कल संसद में बजट 2026-27 पेश किया। 81 मिनट लंबे अपने भाषण में उन्होंने न केवल देश की आर्थिक दिशा तय की, बल्कि कस्टम ड्यूटी और टैरिफ में बदलाव कर आम जनता की जेब पर सीधा असर डाला है। इस बजट में सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं और तकनीक को सस्ता करने पर जोर दिया है, जबकि विलासिता और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वस्तुओं पर लगाम कसी है।
क्या होगा सस्ता
सरकार ने मानवतावादी दृष्टिकोण अपनाते हुए कैंसर की 17 प्रमुख दवाओं और दुर्लभ बीमारियों के इलाज में उपयोग होने वाली औषधियों पर कस्टम ड्यूटी घटा दी है, जिससे अब मरीजों के लिए इलाज काफी सस्ता और सुलभ हो जाएगा।
शिक्षा और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, विदेश में पढ़ाई कर रहे छात्रों के खर्चों और अंतरराष्ट्रीय टूर पैकेज बुक करने वाले सैलानियों के लिए विशेष राहत की घोषणा की गई है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और लाइफस्टाइल सेगमेंट में भी बड़ी राहत दी गई है; अब लिथियम-आयन सेल पर कर कम होने से मोबाइल और लैपटॉप की बैटरियां सस्ती होंगी, वहीं माइक्रोवेव ओवन, चमड़े के जूते और कपड़ों की कीमतों में भी गिरावट आएगी।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार ने सोलर ग्लास और बायोगैस-मिश्रित CNG पर ड्यूटी कम कर दी है, जिससे देश में हरित ऊर्जा और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को नई गति मिलेगी।
क्या होगा महंगा
सरकार ने स्वास्थ्य के प्रति सचेत दृष्टिकोण अपनाते हुए शराब और सिगरेट पर करों में वृद्धि की है, जिससे नशा और विलासिता से जुड़ी इन वस्तुओं की कीमतों में बड़ा इजाफा होना तय है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधों के चलते भारत-यूरोपीय संघ (EU) समझौते के तहत भविष्य में यूरोप से आयात होने वाली वाइन और बीयर पर टैरिफ कम होने की संभावना है, जिससे विदेशी ब्रांड्स की कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है।
औद्योगिक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और संसाधनों के प्रबंधन के लिए सरकार ने परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के पुर्जों, कोयला और लौह अयस्क जैसे महत्वपूर्ण खनिजों पर ड्यूटी बढ़ा दी है, जिससे ऊर्जा उत्पादन और विनिर्माण की लागत बढ़ सकती है।
निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए भी बजट ने चुनौतियां पेश की हैं, क्योंकि शेयर बाजार में वायदा और विकल्प (F&O) सेगमेंट पर प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) को बढ़ा दिया गया है, जिससे अब इंट्राडे और डेरिवेटिव ट्रेडिंग करना पहले के मुकाबले काफी महंगा हो जाएगा।
सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट
बजट के साथ ही घरेलू कमोडिटी बाजार में हलचल तेज हो गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई है। चांदी अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आकर ₹2,49,713 के स्तर पर पहुंच गई। वहीं, सोना भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत डॉलर के दबाव के कारण नीचे गिरा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 3.3% टूटकर $4,703.27 के आसपास कारोबार कर रहा है।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेताओं ने इस बजट को ‘विकासोन्मुखी’ और ‘भविष्यवादी’ बताते हुए इसकी सराहना की है। दूसरी ओर, कांग्रेस और विपक्षी दलों ने इसे ‘अप्रभावी’ करार देते हुए आरोप लगाया कि इसमें गरीबों के लिए वास्तविक सुधारों की कमी है।
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