
यूनिक समय, नई दिल्ली। मुंबई के मुलुंड इलाके में शनिवार दोपहर एक भीषण हादसा हो गया, जहां मेट्रो के निर्माणाधीन पिलर का स्लैब अचानक नीचे गिर पड़ा। यह हादसा जॉनसन गार्डन के पास हुआ, जहां पिलर का भारी-भरकम हिस्सा सड़क पर चल रहे एक ऑटो रिक्शा और कुछ कारों पर जा गिरा। इस हृदयविदारक घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
गाड़ियों के ऊपर गिरा सीमेंट का ढांचा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार दोपहर करीब 12:20 बजे की है। जब मेट्रो का काम चल रहा था, तभी अचानक सीमेंट से बना स्लैब का हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। इस मलबे की चपेट में आने से वहां से गुजर रही एक निजी कार और एक ऑटो रिक्शा पूरी तरह पिचक गए। रामधन यादव नामक व्यक्ति को अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया।
घायलों में 45 वर्षीय राजकुमार इंद्रजीत यादव की हालत फिलहाल बेहद गंभीर बनी हुई है और वे आईसीयू में जीवन और मौत की जंग लड़ रहे हैं, जबकि हादसे का शिकार हुए 52 वर्षीय महेंद्र प्रताप यादव और 40 वर्षीया दीपा रुहिया की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
MMRDA की लापरवाही पर उठे सवाल
हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय भाजपा विधायक मिहिर कोटेचा मौके पर पहुंचे। उन्होंने इसे एमएमआरडीए (MMRDA) की बड़ी लापरवाही करार देते हुए ‘थर्ड पार्टी ऑडिट’ की मांग की है। दूसरी ओर, MMRDA कमिश्नर संजय मुखर्जी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
राहत और बचाव कार्य
हादसे के तुरंत बाद मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस और 108 एम्बुलेंस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से इलाके को घेर लिया है और मलबे को हटाने के लिए ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों (Safety Norms) का पालन किया जा रहा था या नहीं। मुलुंड जैसे व्यस्त इलाके में दिनदहाड़े हुए इस हादसे ने मेट्रो निर्माण की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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