
यूनिक समय, नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य को नई दिशा देने के लिए आयोजित ‘ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट-2026’ में शामिल होने के लिए ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा बुधवार को भारत की राजधानी पहुंचे। 18 से 22 फरवरी तक चलने वाली अपनी इस पांच दिवसीय राजकीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति लूला न केवल अंतरराष्ट्रीय मंच पर AI के नैतिक उपयोग पर चर्चा करेंगे, बल्कि भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए रणनीतिक वार्ता भी करेंगे।
हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से स्वागत
नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा का भव्य स्वागत विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने किया। लूला अकेले नहीं आए हैं, बल्कि उनके साथ ब्राजील के मंत्रियों, उच्चाधिकारियों और शीर्ष तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों का एक विशाल प्रतिनिधिमंडल भी भारत पहुंचा है। यह प्रतिनिधिमंडल भारत की आईटी और AI क्षमताओं के साथ तालमेल बिठाने के लिए कई व्यापारिक बैठकों में हिस्सा लेगा।
ग्लोबल साउथ की पहली इंटरनेशनल AI गैदरिंग
नई दिल्ली में आयोजित इस ‘AI इम्पैक्ट समिट’ को दुनिया भर में ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) की पहली और सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय एआई सभा के रूप में देखा जा रहा है। यह समिट प्रधानमंत्री मोदी के ‘पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस’ (People, Planet, Progress) के सिद्धांत पर आधारित है। 16 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस शिखर सम्मेलन में लूला के अलावा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और कई अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी शामिल हो रहे हैं, जो एआई के सामाजिक और आर्थिक प्रभावों पर विचार साझा करेंगे।
यात्रा का रणनीतिक महत्व
राष्ट्रपति लूला की यह यात्रा भारत और ब्राजील के बीच ‘उभरती तकनीकों’ और AI के क्षेत्र में सहयोग को संस्थागत रूप देने के लिए बेहद अहम है। दोनों देश मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का लाभ केवल विकसित देशों तक सीमित न रहे, बल्कि ग्लोबल साउथ के देशों को भी इसका समान अधिकार मिले। इस दौरान कृषि, स्वास्थ्य सेवा और जलवायु परिवर्तन से निपटने में AI के उपयोग पर कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
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