India News: गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने पीएम मोदी से की मुलाकात; गूगल देश में करेगा $15 अरब का निवेश

Google CEO Sundar Pichai met PM Modi

यूनिक समय, नई दिल्ली। ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट 2026′ के मंच पर भारत और दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी गूगल के बीच भविष्य की एक नई साझेदारी की नींव रखी गई है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और भारत के एआई (AI) परिवर्तन में सक्रिय भागीदार बनने का संकल्प दोहराया। पिचाई ने भारत की डिजिटल क्षमता को देखते हुए बड़े निवेश और स्किलिंग प्रोग्राम की घोषणा की है, जो देश के युवाओं और पेशेवरों के लिए करियर के नए द्वार खोलेंगे।

पीएम मोदी और सुंदर पिचाई की मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि पिचाई के साथ एआई के क्षेत्र में भारत के बढ़ते कदमों और प्रतिभाशाली छात्रों के भविष्य को लेकर बेहद सकारात्मक चर्चा हुई। चर्चा का मुख्य बिंदु यह रहा कि कैसे गूगल भारत के युवाओं और पेशेवरों के साथ मिलकर एआई के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व कर सकता है।

सुंदर पिचाई ने भारत की विविधता और इसके डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की सराहना करते हुए इसे नवाचार के लिए दुनिया का सबसे मजबूत आधार बताया।

$15 अरब का एआई हब और ‘इंडिया-अमेरिका कनेक्ट’

सुंदर पिचाई ने समिट के दौरान भारत के लिए ऐतिहासिक घोषणाएं करते हुए बताया कि गूगल देश में $15 अरब (लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये) के निवेश से एक विशाल एआई हब (AI Hub) स्थापित करने जा रहा है। इस हब में गीगावॉट-स्तर की कंप्यूटिंग क्षमता होगी, जो न केवल भारत के उन्नत एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देगी बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।

इसके साथ ही, उन्होंने ‘इंडिया-अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव’ का अनावरण किया, जिसके अंतर्गत अमेरिका, भारत और दक्षिणी गोलार्ध (Global South) के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए नए सबसी केबल गेटवे विकसित किए जाएंगे। पिचाई ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत का डिजिटल मॉडल वैश्विक स्तर पर एआई को सुरक्षित, समावेशी और लोकतांत्रिक बनाने का एक आदर्श उदाहरण बन सकता है।

शिक्षा और सरकारी सेवाओं के लिए गूगल का ‘मास्टरप्लान’

गूगल का ‘मास्टरप्लान’ केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बड़े स्तर पर कौशल विकास (Skill Development) के माध्यम से शिक्षा और सरकारी सेवाओं को आधुनिक बनाने पर केंद्रित है। इसके तहत छात्रों और करियर की शुरुआत करने वाले पेशेवरों के लिए हिंदी और अंग्रेजी में विशेष एआई प्रोफेशनल सर्टिफिकेट प्रोग्राम पेश किए जाएंगे, ताकि भाषा की बाधा को दूर कर तकनीकी शिक्षा को सुलभ बनाया जा सके।

सरकारी कामकाज में दक्षता लाने के लिए गूगल ‘मिशन कर्मयोगी’ के माध्यम से लगभग 2 करोड़ सरकारी कर्मचारियों को एआई ट्रेनिंग में सहयोग प्रदान करेगा। स्कूली स्तर पर तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अटल टिंकरिंग लैब्स के सहयोग से 10,000 स्कूलों में जेनरेटिव एआई टूल्स की शुरुआत की जाएगी।

साथ ही, वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में क्रांति लाने के उद्देश्य से 30 मिलियन डॉलर का ‘एआई फॉर साइंस इम्पैक्ट चैलेंज’ भी शुरू किया जाएगा, जिससे जटिल वैज्ञानिक चुनौतियों का समाधान एआई की मदद से संभव हो सके।

20 फरवरी को मुख्य भाषण

सुंदर पिचाई 20 फरवरी को एआई इम्पैक्ट समिट में अपना कीनोट एड्रेस (Keynote Address) देंगे, जिसमें वे गूगल के विजन और भारत के साथ भविष्य की योजनाओं का विस्तृत रोडमैप पेश करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई का वास्तविक प्रभाव तब होगा जब यह स्वास्थ्य, कृषि और स्थानीय भाषाओं के माध्यम से आम जनजीवन को लाभ पहुंचाएगा।

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