Kantara Controversy: कर्नाटक हाईकोर्ट की अभिनेता रणवीर सिंह को सख्त फटकार; ‘होंगे आप रणवीर सिंह…..”

Karnataka High Court reprimands actor Ranveer Singh

यूनिक समय, नई दिल्ली। बॉलीवुड सुपरस्टार रणवीर सिंह फिल्म ‘कंतारा’ से जुड़े एक धार्मिक विवाद के चलते कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। कर्नाटक हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए अभिनेता को कड़ी फटकार लगाई। हालांकि, अदालत ने उन्हें थोड़ी अंतरिम राहत देते हुए निर्देश दिया कि 2 मार्च तक उनके खिलाफ कोई भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई (गिरफ्तारी) न की जाए।

विवाद की जड़

यह पूरा विवाद गोवा में आयोजित 56वें अंतरराष्ट्रीय भारतीय फिल्म महोत्सव (IFFI) के दौरान हुई एक घटना से उपजा है, जहाँ आरोप है कि रणवीर सिंह ने स्टेज पर फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ के अभिनेता-निर्देशक ऋषभ शेट्टी के प्रसिद्ध किरदार की नकल की थी।

शिकायत के अनुसार इस प्रस्तुति के दौरान रणवीर ने कथित तौर पर एक पूजनीय देवता को ‘महिला भूत’ कह दिया, जिसे लेकर जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की बेंच ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऋषभ शेट्टी जिस किरदार (देवी चामुंडी) को निभा रहे थे, उसके प्रति लोगों की अटूट धार्मिक आस्था है और ऐसी भावनाओं को किसी भी मंच पर हल्के में नहीं लिया जा सकता।

हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी

सुनवाई के दौरान जस्टिस नागप्रसन्ना ने रणवीर सिंह के स्टारडम और उनके शब्दों के व्यापक प्रभाव पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि वह चाहे रणवीर सिंह हों या कोई और, उन्हें किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का कोई अधिकार नहीं है।

कर्नाटक हाईकोर्ट ने अभिनेता को नसीहत देते हुए कहा कि स्टेज पर खड़े होकर इस तरह के संवेदनशील विषयों को हल्के में नहीं लिया जा सकता और भले ही वह बाद में माफी माँग लें, लेकिन उनके द्वारा कहे गए शब्द वापस नहीं आ सकते क्योंकि इंटरनेट कभी कुछ नहीं भूलता है।

अदालत ने इस बात पर भी विशेष जोर दिया कि एक पब्लिक फिगर होने के नाते रणवीर का लाखों लोगों पर गहरा असर होता है, इसलिए उन्हें अपने सार्वजनिक बयानों और हरकतों को लेकर कहीं अधिक जिम्मेदार और सजग होना चाहिए।

रणवीर के वकील ने मानी गलती

रणवीर सिंह की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता साजन पूवैया ने अदालत के समक्ष स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि अभिनेता द्वारा दिए गए बयान पूरी तरह से ‘बेपरवाह’ और लापरवाही भरे थे जिसकी वजह से यह शिकायत दर्ज हुई है।

उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वह उस हर आवश्यक कदम को उठाने के लिए तैयार हैं जिससे इस अनजाने में हुई गलती को सुधारा जा सके। साथ ही वकील ने अपनी दलील में यह भी जोड़ा कि रणवीर ने अपनी इस भूल के लिए पहले ही माफी मांग ली है और उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करना कतई नहीं था।

शिकायतकर्ता के वकील ने भावनात्मक पक्ष रखते हुए कहा कि रणवीर सिंह कर्नाटक के दामाद (दीपिका पादुकोण के पति होने के नाते) हैं, लेकिन उनके कृत्य ने कर्नाटक के लोगों की आत्मा को ठेस पहुंचाई है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि राज्य के लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं है।

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