
यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में होली के उल्लास के बीच मिलावटखोरी का एक बेहद घिनौना चेहरा सामने आया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में एक बड़ी छापेमारी करते हुए लगभग 13 क्विंटल रंगीन कचरी और सेवइयां बरामद की हैं। मिलावटखोर इस दूषित खेप को होली और ईद के त्योहार पर बाजार में खपाने की तैयारी में थे, लेकिन समय रहते विभाग की मुस्तैदी ने लोगों की सेहत के साथ होने वाले इस बड़े खिलवाड़ को रोक दिया।
पैरों से बनाई जा रही थीं सेवइयां
मेरठ रोड स्थित इस निर्माण इकाई पर जब खाद्य विभाग की दो टीमों ने अचानक दबिश दी, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। कारखाने में स्वच्छता के मानकों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही थी। जांच के दौरान पाया गया कि वहां कर्मचारी अपने पैरों का उपयोग कर सेवइयां तैयार कर रहे थे, जो न केवल कानूनन अपराध है बल्कि संक्रामक रोगों का सीधा न्योता भी है। कचरी को आकर्षक बनाने के लिए प्रतिबंधित और गहरे रंगों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा था।
खाद्य विभाग का एक्शन
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में विभाग ने 13 क्विंटल कचरी जब्त कर ली है। अधिकारियों ने संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने सील कर जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेज दिए हैं। संबंधित इकाई को सुधार नोटिस जारी किया गया है और स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि मानकों में सुधार नहीं हुआ, तो इकाई का लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा।
डॉक्टरों और अधिकारियों की चेतावनी
खाद्य अधिकारियों ने जनता को कड़े शब्दों में आगाह किया है कि बाजार में बिकने वाली यह चमकदार और गहरे रंग की कचरी वास्तव में एक तरह का ‘धीमा जहर’ है। इसमें इस्तेमाल होने वाले हानिकारक केमिकल और निर्माण के दौरान फैली गंदगी सीधे तौर पर शरीर के मुख्य अंगों जैसे लिवर और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
इसके सेवन से आंतों में संक्रमण और फूड पॉइजनिंग जैसी पेट की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है जो त्योहार के उत्साह को बीमारी में बदल सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इन मिलावटी पदार्थों का लंबे समय तक सेवन किया जाए तो यह भविष्य में कैंसर जैसी घातक और जानलेवा बीमारियों का कारण भी बन सकता है।
त्योहार पर सतर्क रहें उपभोक्ता
प्रशासन ने अपील की है कि होली और आगामी त्योहारों के दौरान लोग अत्यधिक चटख रंगों वाली कचरी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की खरीदारी से बचें। मिलावटखोरों पर लगाम लगाने के लिए खाद्य विभाग का यह अभियान पूरे जिले में निरंतर जारी रहेगा ताकि आम जनता को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।
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