
यूनिक समय, नई दिल्ली। घरेलू सराफा बाजार में गुरुवार का दिन निवेशकों और आम खरीदारों के लिए बड़े झटके लेकर आया। सोना और चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट ने बाजार के समीकरण बदल दिए हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बिकवाली के भारी दबाव के चलते कीमती धातुओं के दाम अर्श से फर्श पर आ गए हैं।
बाजार का ताजा हाल
गुरुवार को MCX पर सोने की कीमतों में करीब ₹1000 की बड़ी सेंध लगी, जिसके बाद भाव ₹1,52,049 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। लेकिन असली गिरावट चांदी में देखने को मिली, जो ₹4,300 टूटकर ₹2,43,907 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सोना अब अपने ऑल-टाइम हाई (₹1,80,000 जो 29 जनवरी को था) से करीब ₹28,000 सस्ता हो चुका है। रिकॉर्ड स्तर से इतनी बड़ी गिरावट ने उन खरीदारों को राहत दी है जो शादी-ब्याह के सीजन के लिए खरीदारी का इंतजार कर रहे थे।
आखिर क्यों औंधे मुंह गिरे दाम?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोना और चांदी की कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण उत्तरदायी हैं। सबसे प्रमुख कारण मुनाफावसूली (Profit Booking) है, जिसके तहत ऊंचे स्तरों पर ट्रेडर्स ने अपना मुनाफा सुरक्षित करने के लिए भारी बिकवाली की, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ गया।
इसके साथ ही, फिजिकल डिमांड में आई कमी ने भी बाजार को प्रभावित किया है; घरेलू बाजार में खरीदारों की सक्रियता कम होने से डिमांड और सप्लाई का संतुलन बिगड़ गया है। अंततः, ग्लोबल मार्केट का दबाव भी भारतीय बाजार पर साफ देखा जा सकता है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना 0.87% गिरकर $4,853 प्रति औंस और चांदी 2.38% गिरकर $75.74 प्रति औंस पर ट्रेड कर रही है।
अमेरिकी फेड और मिडिल ईस्ट का असर
बाजार जानकारों के अनुसार, निवेशकों की नजरें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक और ब्याज दरों पर टिकी हैं। इसके अलावा, पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की अस्थिर कीमतों ने निवेशकों को ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में डाल दिया है। अनिश्चितता के इस माहौल में सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने से भी फिलहाल पैसा निकाला जा रहा है।
निवेशकों के लिए एक्सपर्ट की सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग लंबी अवधि (Long Term) के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह भारी गिरावट एक सुनहरा मौका साबित हो सकती है। हालांकि, शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को फिलहाल सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बाजार की दिशा पूरी तरह साफ होने तक किसी भी बड़े निवेश से पहले विशेषज्ञों की राय जरूर लें।
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