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Mathura News: RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत ने वृन्दावन में किया ‘जीवनदीप आश्रम’ का भव्य लोकार्पण

by Tarun Bhardwaj • March 24, 2026
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यूनिक समय, मथुरा। कान्हा की नगरी वृंदावन के रुक्मिणी विहार में आज आध्यात्मिक और सामाजिक ऊर्जा का अनूठा संगम देखने को मिला। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने नवनिर्मित ‘जीवनदीप आश्रम’ का गरिमामयी उपस्थिति में लोकार्पण किया। इस भव्य समारोह में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी और स्वामी यतींद्रानंद महाराज सहित देश के कई दिग्गज संत और राजनेता शामिल हुए।

“जीवन के थपेड़ों से लड़ना है, हारना नहीं”

वृंदावन के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जीवन दर्शन और वैश्विक चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें जीवन के थपेड़ों से लड़ना है, हारना नहीं; उन्होंने जोर देकर कहा कि आश्रम केवल ईंट-पत्थरों की इमारतें नहीं बल्कि धर्म की शिक्षा के वे केंद्र हैं जो मनुष्य को आध्यात्मिक ज्ञान के साथ-साथ शारीरिक रूप से ओजस्वी और तेजस्वी बनाने का सामर्थ्य रखते हैं। साथ ही, उन्होंने उपस्थित जनसमूह को साहस का संदेश देते हुए प्रेरित किया कि जीवन में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है, इसलिए कठिन परिस्थितियों से घबराने के बजाय उनका डटकर मुकाबला करना चाहिए।

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी युद्ध और विश्व भर में व्याप्त तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि बदले की भावना से किए गए कार्यों का परिणाम केवल विनाश होता है; उन्होंने शांति का आह्वान करते हुए जोर दिया कि कलह और युद्ध किसी भी वैश्विक समस्या का समाधान नहीं हो सकते, बल्कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया को शांति और सौहार्द की नितांत आवश्यकता है।

धर्मांतरण और घुसपैठ पर कड़ा रुख

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने धर्मांतरण और घुसपैठ जैसे सामाजिक सुरक्षा के मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि धर्मांतरण को रोकना केवल सरकार या कानून का उत्तरदायित्व नहीं है, बल्कि समाज को भी इसके प्रति निरंतर सजग रहना होगा।

साथ ही, उन्होंने बिना अनुमति देश में आकर रोजगार पाने वाले विदेशी घुसपैठियों के प्रति कड़ी चेतावनी देते हुए समाज का आह्वान किया कि राष्ट्र की सुरक्षा और संसाधनों के संरक्षण हेतु हर नागरिक को सदैव चौकन्ना रहने की आवश्यकता है; इसी समारोह में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी भारतीय संस्कृति के संरक्षण में आश्रमों की महत्ता को सराहा, जिससे पूरा रुक्मिणी विहार क्षेत्र ‘जय श्री कृष्ण’ और ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा।

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