Fri, Jun 5th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

Malda Violence: NIA की टीम ने मुख्य साजिशकर्ता मोफक्करुल इस्लाम सहित 35 लोगो को किया गिरफ्तार

by Tarun Bhardwaj • April 3, 2026
Advertisement
Ad

यूनिक समय, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मालदा (कालियाचक) में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की सनसनीखेज घटना के बाद अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कमान संभाल ली है। सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आदेश के बाद, NIA ने इस ‘सोची-समझी साजिश’ की प्रारंभिक जांच शुरू करते हुए अब तक मुख्य साजिशकर्ता सहित 35 लोगों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप

बीते बुधवार को पश्चिम बंगाल के मालदा (कालियाचक) में उपद्रवियों द्वारा सात न्यायिक अधिकारियों को करीब 8 घंटे तक बंधक बनाए जाने की घटना पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए टिप्पणी की कि “बंगाल में कानून-व्यवस्था नाम की चीज नहीं बची है।”

सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस पूरे घटनाक्रम को एक ‘सोची-समझी साजिश’ करार दिए जाने और कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस व बंगाल डीजीपी के बीच हुए हस्तक्षेप के बाद ही बंधकों को छुड़ाया जा सका, जिसके परिणामस्वरूप अब चुनाव आयोग ने मामले की NIA जांच के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

बागडोगरा एयरपोर्ट से ‘मास्टरमाइंड’ गिरफ्तार

उत्तर बंगाल के ADG जयरामन के अनुसार, मालदा कांड के मुख्य सूत्रधार और वकील मोफक्करुल इस्लाम को बागडोगरा हवाई अड्डे से उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह भागने की फिराक में था, जिसके साथ ही अब तक ISF उम्मीदवार शाहजहां अली समेत कुल 35 लोगों को दबोचा जा चुका है।

हालांकि आरोपी इस्लाम ने गिरफ्तारी के बाद खुद का बचाव करते हुए दावा किया कि वह केवल ‘D-Voter’ (संदिग्ध मतदाता) मुद्दे पर आंदोलनकारियों की मदद के लिए वहां मौजूद था और उसने कोई हिंसा नहीं भड़काई, लेकिन पुलिस और जांच एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम को एक सुनियोजित और पहले से प्लान की गई साजिश मानकर गहन जांच कर रही हैं।

ममता बनर्जी का पलटवार

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मालदा कांड में हो रही इस पूरी कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों को केंद्र सरकार व जांच एजेंसियों द्वारा “बंगाल को बदनाम करने की एक बड़ी साजिश” करार देते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। वहीं, उत्तर बंगाल के ADG जयरामन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और न्यायिक अधिकारियों को CAPF (केंद्रीय अर्धसैनिक बल) की सुरक्षा मुहैया कराते हुए अब इस बात की गहन जांच की जा रही है कि क्या यह घटना पहले से सुनियोजित थी।

वर्तमान में NIA इस बात की तहकीकात कर रही है कि न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या गुप्त राजनीतिक उद्देश्य तो नहीं था, जबकि प्रभावित इलाकों में फिलहाल सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े: Breaking News: राघव चड्ढा के जवाब पर ‘आप’ का पलटवार; पार्टी ने लगाया ‘मोदी से डरने’ और ‘समोसे’ वाले मुद्दों का आरोप

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Delhi Fire Case: साकेत कोर्ट ने होटल मालिक को 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा हैदराबाद के अमीरपेट में ‘हेलमेट बाजार’ में भीषण अग्निकांड पहले से ज्यादा बोल्ड हुआ फ्रंट डिजाइन और एक्सटीरियर लुक के साथ Toyota Innova Crysta लॉन्च विनेश फोगाट विवाद में WFI को सुप्रीम कोर्ट से झटका केरल में मानसून की धमाकेदार दस्तक, दिग्गज फिल्म निर्माता और पूर्व CBFC चीफ पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की उम्र में निधन कोसीकलां में 7 साल की बच्ची के साथ 30 साल के युवक ने की दरिंदगी मुजफ्फरपुर में प्राइवेट अस्पताल के ICU में आग लगने से 5 लोगों की मौत