यूनिक समय, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर एक बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। पार्टी ने अपने सबसे चर्चित युवा चेहरे और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को संसद में 'उपनेता' के पद से हटा दिया है। उनकी जगह पंजाब के उद्योगपति और सांसद अशोक मित्तल को नया उपनेता नियुक्त किया गया है। पद से हटाए जाने के साथ ही पार्टी नेतृत्व और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चड्ढा पर गंभीर और हैरान करने वाले आरोप लगाए हैं। राघव चड्ढा का जवाब आम आदमी पार्टी द्वारा उपनेता पद से हटाए जाने और गंभीर आरोपों के बाद राघव चड्ढा ने भावुक और कड़ा पलटवार करते हुए स्पष्ट किया कि हवाई अड्डों पर खाने की लूट, जोमैटो-ब्लिंकिट राइडर्स की समस्याएं और टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी जैसे विषय सीधे आम जनता के हित से जुड़े हैं और इन्हें उठाना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी चुप्पी को एक चेतावनी बताते हुए विरोधियों को ललकारा कि "मेरी चुप्पी को मेरी हार मत समझना, मैं वह नदी हूं जो समय आने पर बाढ़ बन जाती है," जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि संसद में बोलने का अधिकार छीने जाने के बावजूद वे अपनी भविष्य की राजनीतिक लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं। भगवंत मान का पलटवार आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी और मुख्यमंत्री भगवंत मान सहित वरिष्ठ नेताओं ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को 'समझौतावादी' (कॉम्प्रोमाइज्ड) करार देते हुए आरोप लगाया है कि वे पिछले कुछ वर्षों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने से हिचकिचा रहे हैं; पार्टी का दावा है कि चड्ढा ने संसद के कीमती समय का उपयोग गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों या पंजाब के फंड की मांग के बजाय 'हवाई अड्डे पर समोसे सस्ते कराने' और 'सॉफ्ट PR' जैसे विषयों पर किया। साथ ही, उन पर व्हिप के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि उन्होंने न केवल मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया, बल्कि पार्टी के वॉकआउट के बावजूद सदन में रुककर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। भगवंत मान और सौरभ भारद्वाज का प्रहार पंजाब के सीएम भगवंत मान ने सख्त लहजे में कहा, "हम केजरीवाल के सिपाही हैं, निडरता हमारी पहचान है। राघव ने पंजाब के रुके हुए फंड और गुजरात में गिरफ्तार कार्यकर्ताओं का मुद्दा नहीं उठाया। अगर कोई पार्टी लाइन से हटता है, तो कार्रवाई तय है।" वहीं दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने उन पर राज्यसभा में गंभीर राजनीति के बजाय "सॉफ्ट PR" पर ध्यान केंद्रित करने का आरोप लगाया। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर राज्यसभा सचिवालय को पत्र भेजकर सूचित किया है कि अशोक मित्तल अब सदन में AAP के नए उपनेता होंगे। मित्तल, जो एक बड़े शिक्षाविद् और उद्योगपति हैं, अब चड्ढा की जगह पार्टी की रणनीति को आगे बढ़ाएंगे। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: संत प्रेमानंद महाराज को ‘बांकेबिहारी’ दिखाने पर विवाद; ब्राह्मण सभा ने जताई कड़ी आपत्ति [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]