यूनिक समय, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14 दिनों के बहुचर्चित संघर्ष विराम को अभी 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि लेबनान की धरती खून से लाल हो गई। बुधवार को इजरायली वायुसेना ने लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करते हुए इसे 'कयामत की रात' में बदल दिया। इस भीषण बमबारी ने न केवल 250 से ज्यादा परिवारों को तबाह कर दिया, बल्कि वैश्विक स्तर पर हो रही शांति की कोशिशों को भी आईसीयू (ICU) में पहुँचा दिया है। 10 मिनट, 100 ठिकाने और 254 लाशें इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने दावा किया है कि उन्होंने हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे को जड़ से उखाड़ने के लिए अब तक का सबसे आक्रामक ऑपरेशन चलाया है। cvzराजधानी बेरूत, बेका घाटी और दक्षिणी लेबनान में मात्र 10 मिनट के भीतर 100 से ज्यादा कमांड सेंटरों को निशाना बनाया गया। लेबनान सिविल डिफेंस के मुताबिक, इस हमले में 254 लोगों की मौत हो गई और 1,100 से अधिक लोग घायल हैं। अस्पतालों में जगह कम पड़ गई है और सड़कों पर एम्बुलेंस की जगह लोग मोटरसाइकिलों पर घायलों को ले जाते दिखे। इजरायल ने दक्षिणी लेबनान को जोड़ने वाले आखिरी पुल को भी नष्ट कर दिया है, जिससे यह इलाका देश के बाकी हिस्सों से पूरी तरह कट गया है। सीजफायर पर 'कन्फ्यूजन' इस हमले ने अमेरिका-ईरान समझौते की पोल खोल दी है। वर्तमान में स्थिति बेहद विरोधाभासी बनी हुई है। पीएम नेतन्याहू और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कर दिया है कि लेबनान इस सीजफायर का हिस्सा नहीं है। उनका कहना है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई समझौते के दायरे से बाहर है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इसे समझौते की 'अनिवार्य शर्त' बताया था। हिजबुल्लाह का कहना है कि उन्हें सीजफायर का हिस्सा बताया गया था, इसलिए उन्होंने हमले रोके थे, लेकिन इजरायल ने धोखा दिया। नेतन्याहू की दो टूक इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने देश के नाम संबोधन में स्पष्ट किया कि ईरान के साथ संघर्ष विराम का मतलब युद्ध का अंत नहीं है। उन्होंने कहा, "हमारे लक्ष्य अभी पूरे नहीं हुए हैं। हम किसी भी क्षण युद्ध में लौटने के लिए तैयार हैं और हमारी उंगली अभी भी ट्रिगर पर है।" नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने ईरान के परमाणु और मिसाइल ढांचे को भारी नुकसान पहुँचाया है और वे हिजबुल्लाह को खत्म किए बिना नहीं रुकेंगे। हिजबुल्लाह का पलटवार और मानवीय संकट इजरायली बमबारी के जवाब में गुरुवार सुबह हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल के मनारा इलाके में रॉकेट दागकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। ईरान की 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' ने भी इजरायल को 'पछताने लायक' अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है। इस बीच, लेबनान में मानवीय संकट गहरा गया है। युद्ध के कारण अब तक 12 लाख लोग बेघर हो चुके हैं। जो लोग सीजफायर की खबर सुनकर घर लौटने की तैयारी कर रहे थे, ताजा बमबारी ने उन्हें फिर से शरणार्थी शिविरों में रहने पर मजबूर कर दिया है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: राष्ट्रीय समता मंच ने कलेक्ट्रेट पर किया जोरदार प्रदर्शन; जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]