यूनिक समय, मथुरा। धर्मनगरी के अन्नदाता इन दिनों गहरे संकट में हैं। पिछले कई दिनों से जारी बेमौसम बारिश, तूफानी हवाओं और ओलावृष्टि ने खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल को 'मटियामेट' कर दिया है। कटाई के ठीक पहले आई इस प्राकृतिक आपदा ने न केवल फसल को जमीन पर बिछा दिया है, बल्कि हजारों किसानों के अरमानों पर भी पानी फेर दिया है। खेतों में बर्बादी का मंजर मथुरा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में हालात अत्यंत चिंताजनक हैं। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल अब कटाई के मुहाने पर थी, लेकिन बारिश और ओलों ने बालियों को भारी नुकसान पहुँचाया है। अत्यधिक नमी के कारण गेहूं के दाने काले पड़ने का डर सता रहा है, जिससे बाजार में उचित भाव मिलना मुश्किल होगा। फसल के जमीन पर गिर जाने (लॉजिंग) से दाना पूरी तरह पुष्ट नहीं हो पाया है, जिससे पैदावार में भारी कमी आने की आशंका है। राष्ट्रीय समता मंच का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किसानों के इसी दर्द को आवाज देने के लिए राष्ट्रीय समता मंच के बैनर तले बुधवार को कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। संस्थापक प्रेम सिंह विमल और संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की। मंच की पदाधिकारी राधा चौधरी ने प्रशासन की 'कागजी कार्रवाई' पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल फाइलों में सर्वे करने से किसानों का पेट नहीं भरेगा। उन्होंने मांग की कि प्रभावित किसानों को कम से कम 50,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से आर्थिक सहायता दी जाए। फसल बर्बादी को देखते हुए किसानों के कृषि ऋण (KCC) को तत्काल माफ किया जाए। प्रशासन की टीमें तत्काल धरातल पर उतरकर वास्तविक नुकसान का आकलन करें ताकि कोई भी पीड़ित किसान छूट न जाए। आंदोलन की चेतावनी ज्ञापन के माध्यम से यह भी मांग की गई कि गेहूं खरीद के बाद भुगतान में होने वाली देरी को खत्म किया जाए और समर्थन मूल्य में वृद्धि की जाए ताकि किसानों को लागत का सही मूल्य मिल सके। राष्ट्रीय समता मंच ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने मुआवजे और राहत कार्यों में ढुलमुल रवैया अपनाया, तो जनपद के किसान सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को विवश होंगे। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Iran US War Ceasefire: ईरान-अमेरिका युद्ध पर 40 दिन बाद लगा ‘विराम’; 2 हफ्ते के सीजफायर पर बनी सहमति [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]