यूनिक समय, नई दिल्ली। वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और व्यापारिक चुनौतियों के बीच भारत और दक्षिण कोरिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक ऐतिहासिक मोड़ दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे मायुंग के बीच सोमवार को दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय वार्ता के बाद, दोनों देशों ने अपने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) को अपग्रेड करने के लिए आधिकारिक तौर पर बातचीत शुरू करने का फैसला किया है। यह रणनीतिक कदम न केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती देगा, बल्कि भविष्य की तकनीकों और सुरक्षित आपूर्ति शृंखला (Supply Chain) के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा। तकनीकी और औद्योगिक विस्तार दोनों देशों के बीच 2010 से प्रभावी CEPA को अब आधुनिक जरूरतों के अनुसार ढाला जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सहयोग को "चिप से शिप" तक की यात्रा बताते हुए उन प्रमुख क्षेत्रों को रेखांकित किया जहाँ दोनों देश मिलकर काम करेंगे। वैश्विक चिप संकट को देखते हुए दोनों देश सेमीकंडक्टर निर्माण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में संयुक्त विकास करेंगे। उभरती हुई तकनीकों और नवाचार (Innovation) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि तकनीकी आत्मनिर्भरता हासिल की जा सके। 'क्लीन एनर्जी' से लेकर डिजिटल एंटरटेनमेंट तक, सहयोग के नए आयाम खोले जाएंगे। दोनों देशों के युवाओं और पेशेवरों के बीच 'पीपल-टू-पीपल कनेक्ट' को और सुदृढ़ किया जाएगा। इंडो-पैसिफिक में शांति और स्थिरता का संदेश प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ली ने केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि वैश्विक शांति पर भी गहन चर्चा की। मौजूदा वैश्विक तनावों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया का यह साथ पूरी दुनिया के लिए एक सकारात्मक संदेश है। उन्होंने कहा कि "वैश्विक तनाव के इस युग में, भारत और दक्षिण कोरिया एक साथ मिलकर शांति और स्थिरता का संदेश देते हैं। हमारे साझा प्रयास एक शांतिपूर्ण और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के निर्माण में बड़ा योगदान देंगे।" सप्लाई चेन की सुरक्षा राष्ट्रपति ली जे मायुंग ने इस बात पर जोर दिया कि भारत एक विश्वसनीय साझीदार है। वर्तमान में जब दुनिया के कई हिस्सों में सप्लाई चेन बाधित हो रही है, तब दक्षिण कोरिया और भारत का सहयोग व्यापारिक बाधाओं को कम करने में मदद करेगा। विशेष रूप से पश्चिमी एशिया और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी दोनों देशों ने एकसमान दृष्टिकोण साझा किया। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर ठाकुर बांके बिहारी ने दिए ‘चरण दर्शन’; लाखों भक्तों से गुलजार हुई धर्मनगरी [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]