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Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर ठाकुर बांके बिहारी ने दिए ‘चरण दर्शन’; लाखों भक्तों से गुलजार हुई धर्मनगरी

by Tarun Bhardwaj • April 20, 2026
Thakur Banke Bihari granted 'Charan Darshan' on Akshay Tritiya

Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर ठाकुर बांके बिहारी ने दिए ‘चरण दर्शन’; लाखों भक्तों से गुलजार हुई धर्मनगरी

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यूनिक समय, मथुरा। ब्रज की भूमि पर आज आस्था का वह दुर्लभ नजारा देखने को मिला जिसका इंतजार भक्तों को साल भर रहता है। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर ठाकुर श्री बांके बिहारी महाराज ने अपने भक्तों को ‘चरण दर्शन’ दिए। वर्ष में केवल एक बार होने वाले इस दिव्य अवसर का लाभ उठाने के लिए देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े।

पीत वस्त्र और स्वर्ण आभूषणों में सजे आराध्य

अक्षय तृतीया के विशेष अवसर पर सेवायत गोस्वामियों ने ठाकुर जी का अलौकिक श्रृंगार किया। ठाकुर जी ने समृद्धि और शुभता की प्रतीक ‘पीली जड़ाऊ पोशाक’ धारण की। सिर पर मोर पंख से सुसज्जित मुकुट और स्वर्ण-चांदी के आभूषणों ने प्रभु के स्वरूप को और भी मनमोहक बना दिया। इस दिन विशेष रूप से भक्तों द्वारा ठाकुर जी को चांदी की पायल अर्पित करने की परंपरा निभाई गई।

शीतलता का विशेष भोग

बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रभु को शीतलता प्रदान करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए। प्रभु के चरणों में मलयागिरि चंदन के लड्डू अर्पित किए गए और श्रीविग्रह पर गुलाब जल मिश्रित चंदन का लेपन किया गया। ग्रीष्म ऋतु के आगमन का प्रतीक मानते हुए ठाकुर जी को सत्तू और ऋतु फलों का विशेष भोग लगाया गया।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

भीड़ के दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि पूरे वृंदावन को 3 जोन और 11 सेक्टरों में विभाजित कर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है।यमुना स्नान से लेकर पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग तक पुलिस बल मुस्तैद रहा। भीषण गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह पानी और छाया की व्यवस्था की गई।

बद्रीनाथ धाम के समान फल

धार्मिक मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर बांके बिहारी जी के चरण दर्शन करने से बद्रीनाथ धाम के दर्शन के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। भक्तों का विश्वास है कि इस दिन किए गए दान-पुण्य और दर्शन का फल ‘अक्षय’ (कभी नष्ट न होने वाला) होता है। सुबह मंदिर के पट खुलते ही “राधे-राधे” और “बांके बिहारी लाल की जय” के उद्घोष से पूरी नगरी गुंजायमान हो उठी। श्रद्धालु यमुना में डुबकी लगाकर और नगर की परिक्रमा कर अपने आराध्य की एक झलक पाकर भाव-विभोर नजर आए।

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