यूनिक समय, नई दिल्ली। खाड़ी देशों में जारी भारी तनाव और युद्ध के हालातों के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय क्रूड ऑयल टैंकर 'देश गरिमा' ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की फायरिंग और तमाम बाधाओं को पार करते हुए सुरक्षित भारतीय समुद्री सीमा में पहुंच गया है। फायरिंग के बावजूद नहीं थमे कदम 18 अप्रैल को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से रवाना हुआ यह विशालकाय जहाज अब मुंबई तट के पास समुद्र में एंकर पर है। जानकारी के अनुसार, जब यह टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहा था, तब IRGC द्वारा फायरिंग की गई थी। इसके बावजूद, भारतीय झंडा लगा यह जहाज बिना रुके आगे बढ़ता रहा। इस जहाज पर 31 भारतीय नाविक सवार हैं, जो पूरी तरह सुरक्षित हैं। भारी मात्रा में कच्चा तेल (Crude Oil) लेकर पहुंचे इस जहाज से देश में संभावित ईंधन संकट से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। खाड़ी तनाव के बीच 10वां सफल मिशन मार्च 2026 से खाड़ी क्षेत्र में बढ़े तनाव के बाद 'देश गरिमा' स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार करने वाला 10वां भारतीय व्यावसायिक जहाज बन गया है। भारत ने ईरान से भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने की स्पष्ट मांग की है। हालांकि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद स्थितियां काफी जटिल हो गई हैं, लेकिन भारत और ईरान के ऐतिहासिक संबंधों के चलते वार्ता जारी है। अन्य जहाजों पर हुआ था हमला इससे पहले स्थिति तब काफी तनावपूर्ण हो गई थी जब दो अन्य भारतीय जहाजों— VLCC सन्मार हेराल्ड और बल्क कैरियर जग अर्णव पर IRGC ने गोलाबारी की थी। उन हमलों के बाद दोनों जहाजों को मजबूरन वापस लौटना पड़ा था। भारत ने इन घटनाओं पर कड़ी आपत्ति जताई थी। सौभाग्य से, उन घटनाओं में भी किसी क्रू मेंबर को चोट नहीं आई थी। भारत की रणनीति और तेल सुरक्षा युद्ध के बीच बदले वैश्विक हालातों में भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को लेकर बेहद सतर्क है। 'देश गरिमा' का सुरक्षित आगमन न केवल भारतीय नाविकों की बहादुरी को दर्शाता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत अपनी तेल आपूर्ति शृंखला को बनाए रखने में सक्षम है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: कानपुर किडनी कांड: 12वीं पास मुदस्सर अली बना मौत का सौदागर; डॉक्टर बन किए 13 किडनी ट्रांसप्लांट, दो की गई जान [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]