यूनिक समय, नई दिल्ली। भारत के पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम, असम और पुडुचेरी—के विधानसभा चुनाव परिणामों ने देश की राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया है। सोमवार को आए नतीजों में तीन राज्यों (बंगाल, तमिलनाडु और केरलम) में सत्ता परिवर्तन हुआ, जबकि असम और पुडुचेरी में एनडीए (NDA) अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल रही। पश्चिम बंगाल में ममता युग का अंत पश्चिम बंगाल में भाजपा ने शून्य से शिखर तक का सफर तय करते हुए इतिहास रच दिया है। भाजपा ने 293 में से 206 सीटें जीतकर करीब 70% का स्ट्राइक रेट हासिल किया। टीएमसी (TMC) महज 81 सीटों पर सिमट गई। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से शुभेंदु अधिकारी से चुनाव हार गईं। उनके साथ सरकार के 12 अन्य मंत्रियों को भी हार का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री मोदी ने जिन 242 सीटों पर प्रचार किया, उनमें से 184 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की (76% स्ट्राइक रेट)। औशग्राम सीट से भाजपा की कलिता माझी ने 12 हजार वोटों से जीत हासिल कर सबको चौंका दिया; वे दूसरों के घरों में साफ-सफाई का काम करती थीं। तमिलनाडु में विजय की 'TVK' ने रचा इतिहास तमिलनाडु की राजनीति में 59 साल पुराना 'द्रविड़ियन' वर्चस्व टूट गया है। एक्टर थलपति विजय की 2 साल पुरानी पार्टी TVK ने 108 सीटें जीतकर DMK और AIADMK दोनों को पीछे छोड़ दिया। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन कोलाथुर सीट से चुनाव हार गए। 1967 के बाद पहली बार राज्य में गैर-DMK और गैर-AIADMK सरकार बनने जा रही है। केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस की वापसी केरलम के नतीजों के साथ ही भारत से वामपंथी (Left) शासन का आखिरी किला भी ढह गया है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) ने शानदार वापसी की है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अपनी सीट तो बचा ले गए, लेकिन उनके 13 मंत्री चुनाव हार गए। कांग्रेस में सीएम पद के लिए वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला और सनी जोसेफ के नाम चर्चा में हैं। असम और पुडुचेरी असम में हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर इतिहास रचा। भाजपा का स्ट्राइक रेट यहाँ सबसे ज्यादा 92.1% रहा। खास बात यह रही कि सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा। वही पुडुचेरी में एन. रंगासामी पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। उनकी पार्टी AINRC ने 12 सीटें जीतकर 75% का स्ट्राइक रेट दर्ज किया। पश्चिम बंगाल में सीटों का पूरा समीकरण निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल की सत्ता में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 206 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है, जबकि वहां सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 147 है। इस चुनाव में सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) मात्र 81 सीटों पर सिमट गई है, जिससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का 200 से अधिक सीटें जीतने का दावा पूरी तरह विफल रहा। अन्य दलों के प्रदर्शन पर गौर करें तो कांग्रेस और हुमायूं कबीर की एजेयूपी को 2-2 सीटें मिली हैं, जबकि माकपा (CPIM) और एआईएसएफ के खाते में केवल 1-1 सीट ही आई है। मतदान प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी के चलते फलता विधानसभा सीट का चुनाव रद्द कर दिया गया है, जहाँ अब 21 मई को दोबारा मतदान होगा और इसके नतीजे 24 मई को घोषित किए जाएंगे। चुनाव परिणाम एक नजर में राज्य विजेता गठबंधन/पार्टी कुल सीटें विजेता की सीटें मुख्य हार पश्चिम बंगाल भाजपा (BJP) 294 206 ममता बनर्जी तमिलनाडु TVK (विजय) 234 108 एम.के. स्टालिन असम भाजपा (NDA) 126 82 (BJP अकेले) कांग्रेस (सिर्फ 19 सीटें) केरलम कांग्रेस (UDF) 140 63 (INC अकेले) एलडीएफ (LDF) सरकार पुडुचेरी AINRC (NDA) 30 12 (AINRC) कांग्रेस (सिर्फ 1 सीट) नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: BBL: सिडनी सिक्सर्स ने जेम्स होप्स को चुना अपना नया हेड कोच, दो साल के लिए संभालेंगे मुख्य कोच की जिम्मेदारी [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]