Fri, Jun 5th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

वित्तीय संकट के बीच Air India ने लगाई फिजूलखर्ची पर रोक; कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा का दिया भरोसा

by Tarun Bhardwaj • May 8, 2026
Advertisement
Ad

यूनिक समय, नई दिल्ली। देश की प्रतिष्ठित एयरलाइन एअर इंडिया (Air India) ने अपने मौजूदा वित्तीय संकट से निपटने के लिए एक संतुलित रणनीति तैयार की है। कंपनी प्रबंधन ने एक तरफ जहां खर्चों पर ‘इमरजेंसी ब्रेक’ लगा दिया है, वहीं दूसरी तरफ अपने हजारों कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा का ठोस भरोसा देकर बड़ी राहत दी है।

CEO का सख्त संदेश

Air India के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने कंपनी की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के लिए कड़ा रुख अपनाते हुए आंतरिक संचार के माध्यम से सभी विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने आदेश दिया है कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए तत्काल प्रभाव से सभी गैर-जरूरी खर्चों को पूरी तरह निलंबित कर दिया जाए।

साथ ही, ऐसी तमाम परियोजनाओं या निवेशों को फिलहाल टालने का निर्देश दिया गया है जो वर्तमान परिस्थितियों में अनिवार्य नहीं हैं। विल्सन ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कंपनी का प्राथमिक लक्ष्य धन की बर्बादी को रोकना और सिस्टम में हो रहे किसी भी प्रकार के वित्तीय रिसाव (Leakage) को शून्य के स्तर पर लाना है।

छंटनी की खबरों पर विराम

आमतौर पर जब भी कोई बड़ी कंपनी खर्चों में कटौती करती है, तो कर्मचारियों में छंटनी (Layoffs) का डर बैठ जाता है। इस स्थिति को भांपते हुए एअर इंडिया के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी (CHRO) रविंद्र कुमार जीपी ने मोर्चा संभाला। कर्मचारियों के साथ हुई एक विशेष बैठक में उन्होंने साफ किया कि कंपनी के भीतर छंटनी की कोई योजना नहीं है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि वित्तीय अनुशासन का दबाव वर्कफोर्स पर नहीं डाला जाएगा। कंपनी अपनी टीम को साथ लेकर इस संकट से बाहर निकलना चाहती है।

क्यों जरूरी था यह कदम?

विमानन क्षेत्र में बढ़ते ईंधन के दामों और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में आती चुनौतियों के बीच एअर इंडिया अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करना चाहती है। यह रणनीति दर्शाती है कि कंपनी ‘कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन’ (लागत का सही उपयोग) पर ध्यान दे रही है, न कि कर्मचारियों को कम करने पर।

विशेषज्ञों का मानना है कि टाटा समूह के नेतृत्व वाली एअर इंडिया का यह कदम कर्मचारियों का भरोसा जीतने और ऑपरेशन्स को अधिक कुशल बनाने की दिशा में एक परिपक्व फैसला है।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े: Kolkata: शुभेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री; कल सुबह 11 बजे लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Delhi Fire Case: साकेत कोर्ट ने होटल मालिक को 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा हैदराबाद के अमीरपेट में ‘हेलमेट बाजार’ में भीषण अग्निकांड पहले से ज्यादा बोल्ड हुआ फ्रंट डिजाइन और एक्सटीरियर लुक के साथ Toyota Innova Crysta लॉन्च विनेश फोगाट विवाद में WFI को सुप्रीम कोर्ट से झटका केरल में मानसून की धमाकेदार दस्तक, दिग्गज फिल्म निर्माता और पूर्व CBFC चीफ पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की उम्र में निधन कोसीकलां में 7 साल की बच्ची के साथ 30 साल के युवक ने की दरिंदगी मुजफ्फरपुर में प्राइवेट अस्पताल के ICU में आग लगने से 5 लोगों की मौत