यूनिक समय, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से मिली विनाशकारी सैन्य कार्रवाई की नई धमकी के बाद ईरान के भीतर अभूतपूर्व खौफ, तनाव और युद्ध की तैयारियों का माहौल बन गया है। अमेरिकी सेना द्वारा संभावित जमीनी आक्रमण की आशंका से घबराए ईरानी अधिकारियों ने अब अपनी आम जनता को सीधे युद्ध के मैदान के लिए तैयार करना शुरू कर दिया है। हालात इस कदर असाधारण हो चुके हैं कि अब ईरान के सरकारी टीवी चैनलों के स्टूडियो से लाइव प्रसारण के दौरान न्यूज एंकर आम नागरिकों को AK-47 जैसे खतरनाक असॉल्ट राइफल चलाना सिखा रहे हैं। ईरान की सड़कों, मस्जिदों और मीडिया हाउसों में देश की रक्षा के नाम पर आम नागरिकों को एकजुट कर हथियार थमाए जा रहे हैं। लाइव न्यूज के दौरान एंकर ने स्टूडियो में चलाई गोली पिछले दो दिनों (15 और 16 मई) में ईरान की राजधानी तेहरान से रोंगटे खड़े कर देने वाले कई वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं। ईरानी सरकारी टेलीविजन चैनल 'ओफोग' के एक लाइव शो के दौरान बेहद चौंकाने वाला नजारा देखा गया, जब मुख्य न्यूज एंकर हुसैन हुसैनी ने बकायदा स्टूडियो के भीतर लाइव कैमरे के सामने अपनी राइफल से गोली चला दी। इस दौरान स्टूडियो में 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर' (IRGC) के नकाबपोश मिलिट्री एक्सपर्ट मौजूद थे, जो लाइव प्रसारण में एंकर को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दे रहे थे। इसी तरह के एक अन्य वायरल वीडियो में 'चैनल 3' की लोकप्रिय महिला एंकर मोबिना नासिरी दोनों हाथों में घातक असॉल्ट राइफल पकड़े हुए दर्शकों को संबोधित करती नजर आईं। उन्होंने स्क्रीन पर लाइव आकर कहा, "IRGC ने मुझे यह हथियार भेजा है ताकि मैं भी आप सभी नागरिकों की तरह इसे चलाना सीख सकूं। इस प्रसारण के माध्यम से मैं घोषणा करती हूं कि मैं अपने देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने को पूरी तरह तैयार हूं।" मासूम बच्चों के हाथों में भी थमाई बंदूकें 'अल जजीरा' और 'सीएनएन' की अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान के कई बड़े शहरों में मस्जिदों और सार्वजनिक स्थलों को सैन्य प्रशिक्षण केंद्रों में तब्दील कर दिया गया है। आम नागरिकों के लिए हल्के और स्वचालित हथियारों को चलाने के विशेष 'रक्षा प्रशिक्षण सत्र' आयोजित किए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा विचलित करने वाली तस्वीरें और वीडियो उन मासूम और छोटे-छोटे बच्चों के सामने आ रहे हैं, जिनके हाथों में किताबों की जगह AK-47 जैसी बंदूकें थमाकर उन्हें निशाना लगाना सिखाया जा रहा है। ईरानी सरकार ने इन क्लिपों को राष्ट्रीय मीडिया पर जारी करते हुए इसे 'देश की रक्षा के लिए जनता की अनिवार्य तैयारी' का हिस्सा बताया है। आखिर क्यों भड़का ईरान? ईरान में नागरिकों को युद्ध के लिए झोंकने की यह छटपटाहट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बेहद आक्रामक बयान के बाद शुरू हुई है, जिसमें उन्होंने युद्धविराम की शर्तों के बीच ईरान को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने की चेतावनी दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर सीधे तौर पर अल्टीमेटम देते हुए लिखा, "ईरान के लिए समय अब बहुत तेजी से बीत रहा है। उन्हें जल्द से जल्द हमारी शर्तों पर कदम उठाने चाहिए, वरना उनका कुछ भी नहीं बचेगा।" ट्रंप के इस सख्त रवैये के बाद ईरान को अंदेशा है कि अमेरिका कभी भी उस पर भीषण सैन्य या जमीनी हमला बोल सकता है, जिसके जवाब में ईरान अपनी पूरी आबादी को हथियारबंद करने में जुट गया है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: India: रेलवे मंत्रालय ने जारी की भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली आधिकारिक तस्वीर; अब पटरियों पर दौड़ेगी हाई-स्पीड ट्रेन [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]