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World: ईरान जंग पर आमने-सामने आए अमेरिका और इजरायल; फोन कॉल के बाद गुस्से से लाल हुए नेतन्याहू

by Tarun Bhardwaj • May 21, 2026
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यूनिक समय, नई दिल्ली। ईरान के साथ चल रहे भीषण युद्ध के भविष्य और कूटनीतिक फैसलों को लेकर दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली सहयोगियों— अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच भारी गरमागरमी और गंभीर मतभेद पैदा हो गए हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों शीर्ष नेताओं के बीच रणनीति को लेकर फोन पर तीखी बहस हुई है। जहां एक तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ युद्ध को रोकने और एक बड़े ‘शांति समझौते’ की ओर कदम बढ़ा रहे हैं, वहीं इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस कूटनीति से बेहद निराश हैं और ईरान पर फिर से विनाशकारी सैन्य हमले शुरू करने पर अड़े हुए हैं।

ट्रंप की कूटनीति से इजरायल निराश

अमेरिकी मीडिया आउटलेट ‘एक्सिओस’ (Axios) की सनसनीखेज रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई फोन कॉल के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ‘काफी गुस्से में’ और बेहद परेशान थे। इजरायल का सैन्य नेतृत्व मानता है कि यह ईरान की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने और उसके परमाणु व आर्थिक बुनियादी ढांचे को नष्ट करने का सबसे सही समय है। इजरायल चाहता है कि ईरान सरकार पर चौतरफा सैन्य दबाव बनाया जाए, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रविवार को ईरान पर होने वाले प्रस्तावित हमलों को अचानक टाल दिए जाने के फैसले ने इजरायल को तगड़ा झटका दिया है। ट्रंप ने यह कदम कतर और यूएई (UAE) समेत कई शक्तिशाली अरब देशों के विशेष अनुरोध के बाद उठाया था।

‘लेटर ऑफ इंटेंट’ पर अड़े ट्रंप

रिपोर्ट्स के अनुसार, कतर, पाकिस्तान और कुछ अन्य क्षेत्रीय मध्यस्थों ने मिलकर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को टालने के लिए एक नया ‘शांति प्रस्ताव’ तैयार किया है। ट्रंप ने नेतन्याहू को साफ बताया कि मध्यस्थ एक ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ (सहमति पत्र) तैयार कर रहे हैं, जिस पर अमेरिका और ईरान दोनों हस्ताक्षर करेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य युद्ध को औपचारिक रूप से समाप्त करना और तत्काल प्रभाव से 30 दिनों की ‘हाई-लेवल’ बातचीत शुरू करना है। इस बातचीत के एजेंडे में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को फ्रीज करना और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए फिर से खोलना शामिल है। इजरायल को डर है कि ट्रंप की इस ढील से ईरान को ‘कूटनीतिक देरी’ करने और खुद को मजबूत करने का मौका मिल जाएगा।

‘या तो दस्तावेज पर दस्तखत होंगे या हम ईरान को खत्म करेंगे’: ट्रंप

इस पूरे विवाद और खींचतान के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा और बेबाक बयान देकर सनसनी फैला दी है। बुधवार को मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि इस समय ‘शांति समझौता’ और ‘ईरान के साथ पूर्ण युद्ध’, दोनों ही विकल्प बिल्कुल बॉर्डर (मुहाने) पर खड़े हैं। ईरान के मुद्दे पर नेतन्याहू की नाराजगी पर ट्रंप ने दोटूक शब्दों में कहा, “नेतन्याहू वही करेंगे जो मैं चाहूंगा, हालांकि हमारे बीच संबंध अभी भी बहुत अच्छे हैं।”

ट्रंप ने इसके साथ ही ईरान को भी आखिरी चेतावनी देते हुए कहा कि या तो ईरान तय दस्तावेज पर दस्तखत करेगा या फिर अमेरिका आगे बढ़कर पूरे मामले को हमेशा के लिए खत्म (सैन्य कार्रवाई) कर देगा। दूसरी ओर, ईरान ने इस बात की पुष्टि की है कि वह अमेरिका के संशोधित प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, लेकिन अभी तक उसने अपनी शर्तों में किसी बड़ी नरमी के संकेत नहीं दिए हैं। ऐसे में देखना होगा कि ट्रंप का यह शांति दांव कामयाब होता है या इजरायल अपनी मर्जी से ईरान पर बमबारी शुरू कर वैश्विक युद्ध की नई चिंगारी भड़का देता है।

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