यूनिक समय, नई दिल्ली। तमिलनाडु के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री और टीवीके (TVK) प्रमुख 'थलपति' सी. जोसेफ विजय ने अपनी कैबिनेट का बड़ा विस्तार किया है। राजभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में कुल 23 विधायकों ने मंत्री पद की गोपनीयता की शपथ ली। इस कैबिनेट विस्तार की सबसे ऐतिहासिक और चौंकाने वाली बात यह रही कि इसमें मुख्य टीवीके पार्टी के साथ-साथ सहयोगी दल कांग्रेस के भी 2 विधायकों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में पूरे 59 वर्षों के लंबे वनवास के बाद कांग्रेस की सत्ता में आधिकारिक वापसी हुई है। कैबिनेट का गणित मुख्यमंत्री थलपति विजय ने बीते 10 मई को सीएम पद की शपथ ली थी, जिसके बाद उनके साथ 9 मंत्रियों ने पद संभाला था। अब गुरुवार को 23 और मंत्रियों के शपथ लेने के बाद विजय सरकार की कैबिनेट में कुल मंत्रियों की संख्या 32 हो गई है। भारतीय संविधान के नियमों के अनुसार, तमिलनाडु विधानसभा की कुल संख्या के आधार पर मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 35 मंत्री बनाए जा सकते हैं। इस लिहाज से कैबिनेट में अभी भी 3 पद खाली रखे गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, सरकार को समर्थन दे रहे सहयोगी दल वीसीके (VCK) और आईयूएमएल (IUML) के लिए दो मंत्रालय आरक्षित रखे गए हैं। हालांकि, दो-दो विधायकों वाले इन दोनों दलों ने अभी अपने मंत्रियों के नाम तय नहीं किए हैं। मुख्यमंत्री विजय ने वामपंथी दलों (CPI और CPM) को भी औपचारिक रूप से गठबंधन सरकार में शामिल होने का न्योता भेजा है, जो फिलहाल सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे हैं। कांग्रेस के लिए ऐतिहासिक क्षण मंत्रिमंडल में कांग्रेस विधायकों की एंट्री तमिलनाडु के लिए एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक राजनीतिक मोड़ माना जा रहा है। लगभग छह दशक (59 साल) बाद पहली बार कांग्रेस राज्य सरकार में सीधे तौर पर हिस्सेदार बनी है। थलपति विजय की कैबिनेट में शपथ लेने वाले दो कांग्रेस विधायक राजेश कुमार और थिरु पी. विश्वनाथन हैं। शपथ ग्रहण के दौरान उस समय थोड़ा विवाद भी खड़ा हुआ जब एक कांग्रेस विधायक ने पद की शपथ लेते वक्त राहुल गांधी और राजीव गांधी के समर्थन में नारे लगा दिए, जिस पर राज्यपाल ने उन्हें तुरंत टोक दिया। आपको बता दें कि कांग्रेस ने आखिरी बार 1967 में पूर्व मुख्यमंत्री एम. भक्तवत्सलम के कार्यकाल में तमिलनाडु में सरकार चलाई थी, जिसे तब सी. एन. अन्नादुरै के नेतृत्व वाली डीएमके (DMK) ने सत्ता से उखाड़ फेंका था। तब से लेकर अब तक कांग्रेस कभी तमिलनाडु की सत्ता के भीतर शामिल नहीं हो सकी थी। इन टीवीके विधायकों ने ली शपथ शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत 'वंदे मातरम' के साथ हुई और इसका समापन पारंपरिक तमिल गान के साथ किया गया। टीवीके कोटे से मंत्रियों की सूची में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन का पूरा ध्यान रखा गया है। थलपति विजय कैबिनेट में शामिल हुए प्रमुख नाम: समारोह में टीवीके पार्टी से श्रीनाथ (थूथुकुडी), कमाली एस (अविनाशी), सी. विजयलक्ष्मी (कुमारपालयम), आर.वी. रंजीतकुमार (कांचीपुरम), विनोद (कुंभकोणम), राजीव (तिरुवदनाई), बी. राजकुमार (कुड्डालोर), वी. गांधीराज (अरक्कोणम), मथन राजा पी (ओट्टापिडारम), जगदेश्वरी के (राजपालयम), एम. विजय बालाजी (इरोड पूर्व), लोगेश तमिलसेल्वन डी (रासीपुरम), विजय तमिलन पार्थिबन ए (सेलम दक्षिण), रमेश (श्रीरंगम), कुमार आर (वेलाचेरी), थेन्नारासु के (श्रीपेरुम्बुदूर), वी. संपत कुमार (कोयंबटूर उत्तर), मोहम्मद फरवास जे (अरंथांगी), डी. सरथकुमार (तांबरम), एन. मैरी विल्सन (डॉ. राधाकृष्णन नगर) और विग्नेश के (किनाथुकडावु) ने मंत्री पद संभाला है। राज्य के लोक निर्माण और खेल मंत्री आधव अर्जुना के मुताबिक, मुख्यमंत्री विजय का सपना एक मजबूत और सभी सहयोगियों को साथ लेकर चलने वाली समावेशी सरकार चलाने का है, और वे चाहते हैं कि वीसीके प्रमुख थोल तिरुमावलवन भी जल्द ही इस कैबिनेट का हिस्सा बनें। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: नरहौली में दलितों की बारात पर पथराव के बाद भीषण संग्राम; लाठियां लेकर पुलिस से भिड़ीं महिलाएं [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]