यूनिक समय, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ होने वाले संभावित शांति समझौते को लेकर अपनी ही सरकार और विपक्ष के आलोचकों पर बेहद तीखा और सीधा हमला बोला है। ट्रंप ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंच से दोटूक शब्दों में कहा कि कुछ लोग बिना किसी जमीनी जानकारी के इस बेहद संवेदनशील समझौते पर फिजूल की टिप्पणियां कर रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका की विदेश नीति को स्पष्ट करते हुए साफ कहा कि ईरान के साथ होने वाली डील या तो देश के हित में बहुत शानदार और ऐतिहासिक होगी, या फिर अमेरिका कोई समझौता करेगा ही नहीं। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुए परमाणु समझौते पर तंज कसते हुए कहा कि यह वर्तमान वार्ता ओबामा प्रशासन जैसी कमजोर और देश को खतरे में डालने वाली कतई नहीं होगी। ट्रंप ने विपक्ष और बागी सीनेटरों को जमकर कोसा अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आंतरिक विरोधियों को आड़े हाथों लिया। ट्रंप ने कहा, "मुझे डेमोक्रेट्स, सिर्फ नाम के रिपब्लिकन (RINOs) और उन मूर्खों पर बेहद हंसी आती है, जिन्हें उस संभावित समझौते के बारे में रत्ती भर भी जानकारी नहीं है जो मैं ईरान के साथ करने जा रहा हूँ। अभी बातचीत अंतिम चरणों में है और पूरी तरह कोई अंतिम मुहर नहीं लगी है, लेकिन ये कमजोर और विफल लोग पहले ही चिल्लाने लगे हैं।" ट्रंप ने हाल ही में प्राथमिक चुनाव हारने वाले अपनी ही पार्टी के बागी सीनेटर थॉम टिलिस का उदाहरण देते हुए कहा कि जो लोग अपनी पार्टी और देश के प्रति वफादारी नहीं दिखाते, जनता उन्हें ऐसे ही बाहर का रास्ता दिखाती है। टिलिस को ट्रंप समर्थित देशभक्त सांसद थॉमस मैसी ने बड़े अंतर से चुनाव में शिकस्त दी है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि लगभग सभी डेमोक्रेट्स अपना रास्ता पूरी तरह भटक चुके हैं, जो लगातार गलत नीतियों और खराब उम्मीदवारों का समर्थन करते हैं और उनकी हर ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय जीत की बिना वजह आलोचना करते हैं। ट्रंप ने उन्हें नसीहत दी कि इन हारने वाले लोगों को अब घर पर बैठकर आराम करना चाहिए, क्योंकि ये सिर्फ देश में विभाजन पैदा करने का काम कर रहे हैं। ओबामा की जेसीपीओए नीति पर साधा निशाना अमेरिकी राष्ट्रपति ने साल २०१५ में बराक ओबामा के प्रशासन के दौरान ईरान और विश्व शक्तियों के बीच हुए 'संयुक्त व्यापक कार्य योजना' (JCPOA) यानी ईरान परमाणु समझौते की धज्जियां उड़ाते हुए उसे एक रणनीतिक आपदा करार दिया। ट्रंप ने कहा, "ओबामा के समय में किया गया वह समझौता एक ऐतिहासिक विफलता था, क्योंकि उसने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकने के बजाय उसे परमाणु हथियार बनाने का एक सीधा और कानूनी रास्ता दे दिया था। मैं देश को संकट में डालने वाले ऐसे आत्मघाती समझौते अपने जीवन में कभी नहीं करता।" उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर ईरान हर हाल में समझौता चाहता है और युद्ध को टालना चाहता है, तो उसे अमेरिका की कड़ी और सख्त शर्तों को मानना ही होगा, अन्यथा अमेरिका कड़ी सैन्य और आर्थिक कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। मेमोरियल डे पर वीर सैनिकों को दी श्रद्धांजलि इस गर्मागरम अंतरराष्ट्रीय बयानबाजी के बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'मेमोरियल डे' (Memorial Day) के पावन अवसर पर देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमेरिकी वीर सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद जवानों की शहादत को नमन करते हुए उनके परिवारों के प्रति देश की तरफ से गहरी संवेदना और सर्वोच्च सम्मान व्यक्त किया। हालांकि, इस भावुक संदेश के दौरान भी ट्रंप अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधने से खुद को नहीं रोक पाए। उन्होंने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में एक बार फिर तंज कसते हुए कहा कि भले ही डेमोक्रेट्स की नीतियां और उनके उम्मीदवार देश के लिए पूरी तरह गलत हैं, लेकिन इन सब राजनीतिक मतभेदों के बावजूद अमेरिकी सेना और प्रशासन देश की सुरक्षा के लिए 'शानदार काम' कर रहे हैं। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: श्रीराधा केलिकुंज आश्रम की भक्तों से बड़ी अपील— ‘अगली सूचना तक वृंदावन आने से बचें श्रद्धालु’ [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]