यूनिक समय, नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) की वार्षिक रिपोर्ट में कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण बातों का खुलासा किया है। उन्होंने दुनिया भर में हो रहे बड़े बदलावों को भारत के लिए एक नए और सुनहरे अवसर के रूप में देखने की जोरदार वकालत की है। इसके साथ ही, एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए रिलायंस वित्त वर्ष 2026 में 10 अरब डॉलर का सालाना शुद्ध मुनाफा कमाने वाली भारत की पहली कंपनी बन गई है। मौजूदा समय में कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) रिकॉर्ड 18।26 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। बदलाव कोई चुनौती नहीं, बल्कि एक बड़ा अवसर: मुकेश अंबानी मुकेश अंबानी ने देश और दुनिया के सामने अपना दृष्टिकोण साफ करते हुए कहा कि वर्तमान में वैश्विक उद्योग पीढ़ियों में होने वाले सबसे बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने इस दौर को एक परेशानी या चुनौती मानने के बजाय नई संभावनाओं के रूप में देखा है। उनके अनुसार, उद्योगों, तकनीक और देशों के बीच की सीमाएं अब पूरी तरह से नए सिरे से तय की जा रही हैं। ग्लोबल सप्लाई चेन में काफी बदलाव हो रहा है, ऊर्जा के स्वरूप में परिवर्तन तेज हो गया है, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व डेटा का तेजी से बढ़ता उपयोग आधुनिक दुनिया का पूरा ढांचा बदल रहा है। मुकेश अंबानी ने बड़े गर्व के साथ कहा, "यह भारत का दशक है- और यह किसी संयोग से नहीं, बल्कि हमारी पसंद और दृढ़ विश्वास का नतीजा है"। 'रिलायंस इंटेलिजेंस' के जरिए AI का लोकतांत्रीकरण आने वाले भविष्य की टेक-दुनिया को ध्यान में रखते हुए, रिलायंस ने 'रिलायंस इंटेलिजेंस' नाम से एक नई कंपनी की शुरुआत की है। इसका मुख्य और बड़ा उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ताकत को चंद हाथों तक सीमित रखने के बजाय इसका पूरी तरह लोकतांत्रीकरण करना है। अंबानी ने बताया कि वे भारत में ही डिज़ाइन और स्केल की गई 'सॉवरेन एआई' क्षमताएं विकसित करना चाहते हैं, ताकि इसका सीधा फायदा हर आम भारतीय नागरिक, छोटे-बड़े उद्यमों और संस्थाओं को आसानी से मिल सके। इसके साथ ही, वे रिलायंस जियो को वैश्विक डिजिटल क्रांति में सबसे आगे रखना चाहते हैं, जिसके तहत आगामी समय में कनेक्टिविटी, एआई, क्लाउड और डिजिटल सेवाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रमुख सेक्टर्स में तेज विस्तार डिजिटल और एआई क्रांति के अलावा ऊर्जा क्षेत्र में भी रिलायंस बहुत बड़ा दांव खेल रही है। गुजरात के जामनगर स्थित 'धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स' के जरिए रिलायंस भारत को स्वच्छ, सुरक्षित और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने के राष्ट्रीय लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है। कंपनी सोलर पीवी मैन्युफैक्चरिंग, एडवांस एनर्जी स्टोरेज और ग्रीन एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर का बड़े पैमाने पर निर्माण कर रही है, ताकि भारत ऊर्जा के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सके। इसके अतिरिक्त, खुदरा व्यापार में 'रिलायंस रिटेल' और 'रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स' के जरिए घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत किया जा रहा है और भारतीय ब्रांड्स को लगातार सशक्त बनाया जा रहा है। वहीं, ऊर्जा के बदलते वैश्विक स्वरूप को देखते हुए कंपनी का पारंपरिक 'ऑयल-टू-केमिकल्स' (O2C) बिजनेस भी लगातार खुद को अपग्रेड कर रहा है और अब यह उच्च-मूल्य वाले मटीरियल और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार हो रहा है। लगातार छठे वर्ष भी नहीं ली कोई सैलरी दुनिया के शीर्ष अमीरों में शुमार मुकेश अंबानी ने कॉरपोरेट जगत में मिसाल पेश करते हुए लगातार छठे वर्ष भी कंपनी से कोई वेतन नहीं लेने का फैसला किया है। नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने वित्त वर्ष 2021 से अब तक कोई सैलरी नहीं ली है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि लगातार छह वर्षों से उन्हें न तो कोई वेतन, न भत्ते, न ही कोई विशेष लाभ, न ही सेवानिवृत्ति लाभ, न ही कोई कमीशन और न ही कोई स्टॉक विकल्प (स्टॉक ऑप्शन) मिल रहे हैं। हालांकि, आरआईएल का कुल बाजार मूल्य ₹18।26 लाख करोड़ है, जिसके आधार पर कंपनी के प्रवर्तकों (प्रमोटर्स) की कुल संपत्ति 9।1 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है, भले ही पिछले एक वर्ष में इसके शेयर की कीमत में 4।3% की आंशिक गिरावट दर्ज की गई है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: IPL 2026: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने 29 गेंदों में 97 रन ठोककर मचाया तहलका; सचिन तेंदुलकर ने किया खास ट्वीट [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]