यूनिक समय, नई दिल्ली। दक्षिण भारत की राजनीति और खासकर तमिलनाडु से इस वक्त की सबसे बड़ी और सियासी हलचल पैदा करने वाली खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इस्तीफा देने के बाद पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने का आधिकारिक एलान कर दिया है। अपने भविष्य के प्लान को सार्वजनिक करते हुए अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि बीजेपी से उनके इस्तीफे के बाद अब आज से एक बिल्कुल नए सफर और एक बड़े 'पॉलिटिकल मूवमेंट' (राजनीतिक आंदोलन) की शुरुआत होने जा रही है, जिसमें वे जनता का साथ चाहते हैं। उन्होंने हुंकार भरते हुए घोषणा की कि उनकी नई पार्टी तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी। परिवारवाद पर अंकुश लगाने के लिए लाएंगे 'टर्म लिमिट' प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समर्थकों के बीच 'सिंघम' के नाम से मशहूर के. अन्नामलाई ने कहा, "मैं राज्य में एक साफ-सुथरी और पारदर्शी पॉलिटिक्स (राजनीति) की शुरुआत करना चाहता हूँ। जब हमारा नया दल पूरी तरह गठित हो जाएगा, तो हम इसमें 'टर्म लिमिट' (कार्यकाल की समय सीमा) का नियम लेकर आएंगे ताकि राजनीति में पैर पसार चुके परिवारवाद पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।" अपने अब तक के राजनीतिक सफर को याद करते हुए पूर्व आईपीएस ने एक बड़ा खुलासा भी किया। उन्होंने बताया कि उनका राजनीतिक सफर आसान नहीं रहा है; उन्होंने साल 2009 में DMDK में एक इंटर्नशिप के जरिए राजनीति को समझा था और बाद में साल 2020 में बीजेपी ज्वाइन की थी। अन्नामलाई ने बताया कि 24 अगस्त 2020 को जब वह बीजेपी में शामिल होने जा रहे थे, तब सुपरस्टार रजनीकांत ने उन्हें खुद फोन किया था और अपनी पार्टी ज्वाइन करने का ऑफर दिया था। लेकिन चूंकि वह बीजेपी नेता बीएल संतोष को पहले ही अपनी जुबान (वादा) दे चुके थे, इसलिए उन्होंने रजनीकांत को ससम्मान मना कर दिया और बीजेपी का दामन थाम लिया था। पार्टी की नीतियों का एलान बाद में अन्नामलाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि वह अपनी नई पार्टी के सिद्धांतों और रणनीतिक नीतियों का एलान आने वाले समय में करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के लिए उनके मन में हमेशा आदर रहेगा, लेकिन यदि किसी जनहित के मुद्दे पर बीजेपी से उनका मतभेद होता है, तो उसे अब पूरी गंभीरता और प्रखरता के साथ उठाया जाएगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की 'थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी' (त्रिभाषा सूत्र) का उन्होंने बीजेपी के अंदर रहते हुए भी खुलकर विरोध किया था। इस्तीफे की प्रक्रिया पर बोलते हुए पूर्व आईपीएस ने कहा कि वह सोशल मीडिया या तमिलनाडु में बैठकर इस्तीफा भेजने वाले नेताओं में से नहीं हैं। उन्होंने दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, संगठन में जो भी कमियां उन्हें महसूस हुईं उन्हें स्पष्ट रूप से बताया और उसके बाद ही अपना इस्तीफा सौंपा। 6 साल बाद बीजेपी से जुदा हुईं राहें आपको बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने शुक्रवार को ही के. अन्नामलाई का इस्तीफा आधिकारिक रूप से मंजूर कर लिया है। इसके साथ ही अन्नामलाई और बीजेपी की करीब छह साल पुरानी राहें अब हमेशा के लिए जुदा हो गई हैं। अभी हाल ही में अन्नामलाई ने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह और अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की थी, जहाँ बीजेपी आलाकमान ने उनसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह भी किया था, लेकिन अन्नामलाई अपने निर्णय पर अडिग रहे। गौरतलब है कि अन्नामलाई ने पुलिस सेवा (IPS) की शानदार और रसूखदार नौकरी छोड़ने के बाद साल 2020 में राजनीति में कदम रखा था। अपनी आक्रामक और बेबाक कार्यशैली के कारण 2021 में ही उन्हें बीजेपी की तमिलनाडु यूनिट का अध्यक्ष बना दिया गया था। उन्होंने एल. मुरुगन का स्थान लिया था, जिन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनाया गया था। अब अन्नामलाई के इस नए सियासी कदम से तमिलनाडु के आगामी चुनावों में मुकाबला बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय होने की उम्मीद जताई जा रही है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: RBI MPC Meeting: लगातार तीसरी बार रेपो रेट 5.25% पर स्थिर; फिलहाल नहीं घटेगी आपके लोन की EMI ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]