यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन और विश्व पर्यावरण दिवस के खास मौके पर राजधानी लखनऊ में 'एक पेड़ मां के नाम' पौधरोपण महाअभियान-2026 का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रदेशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी कुछ ऐसा बोल गए कि मंच पर मौजूद नेताओं सहित खुद मुख्यमंत्री भी अपनी मुस्कुराहट नहीं रोक पाए। सीएम योगी ने बिना नाम लिए इशारों ही इशारों में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव और विपक्ष पर तीखा तंज कसा। भाषण के बीच 'टोटी' का जिक्र आते ही चेहरे पर बिखरी मुस्कान लखनऊ के कुकरैल रेंज में आयोजित कार्यक्रम में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंच से सरकार की उपलब्धियों और जल संरक्षण के प्रयासों का जिक्र कर रहे थे, तभी उन्होंने 'हर घर जल नल योजना' की चर्चा छेड़ी। सीएम योगी ने कहा, "हमने जब इस योजना को तेजी से आगे बढ़ाया, तो जमीन पर पता लगा कि कोई नल की टोटी ही चोरी कर ले जा रहा है, तो कोई दूसरे तरीके से सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहा है। कहीं सड़कों और घरों में नल खुला है तो बस खुला ही पड़ा है।" इतना कहते ही मुख्यमंत्री के चेहरे पर एक गहरी मुस्कुराहट तैर गई। हालांकि, मुख्यमंत्री ने अपने पूरे भाषण में कहीं भी सपा प्रमुख अखिलेश यादव का नाम नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में 'टोटी चोरी' का यह पुराना संदर्भ सीधे तौर पर अखिलेश यादव के सरकारी आवास छोड़ने के समय हुए विवाद से जोड़कर देखा जाता है। सीएम योगी का यह तंज सोशल मीडिया और राजनीतिक हल्कों में तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश के भीतर रोपे गए 242 करोड़ पौधे पर्यावरण की चुनौतियों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश सरकार के ऐतिहासिक आंकड़ों को सामने रखा। उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों के कार्यकाल में प्रदेश के अंदर वन महोत्सव और विभिन्न अभियानों के माध्यम से अब तक रिकॉर्ड 242 करोड़ पौधरोपण के एक विशाल कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने प्रकृति और मातृभूमि के प्रति अपने सर्वोच्च दायित्वों का निर्वहन करने के लिए तीन वर्ष पूर्व 'एक पेड़ मां के नाम' कार्यक्रम की वैश्विक शुरुआत की थी। उसी महाअभियान की कड़ी में आज उत्तर प्रदेश इस पावन संकल्प को आगे बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा, "जननी (मां) और जन्मभूमि के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना हर नागरिक का नैतिक दायित्व है। पर्यावरण की रक्षा करना हमारी मातृभूमि के प्रति हमारे सर्वोच्च कर्तव्यों में से एक है।" सिंगल यूज प्लास्टिक के खतरों पर जोर सिंगल यूज प्लास्टिक (एकल उपयोग प्लास्टिक) के खतरों पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए बेहद गंभीर है और इसके विकल्प के रूप में मिट्टी के बर्तनों व उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। इसी क्रम में कुम्हार और प्रजापति समाज के पारंपरिक हुनर को पुनर्जीवित करने के लिए माटी कला बोर्ड की स्थापना की गई है, जिसके अंतर्गत अप्रैल से जून के महीनों में हर गांव के तालाबों से प्रजापति समाज के लोगों को निशुल्क मिट्टी उपलब्ध कराई जा रही है तथा उनके काम को आधुनिक बनाने के लिए सोलर चाक भी बांटे गए हैं। इसके साथ ही, जल संरक्षण के मॉडल को प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों में अब एक निश्चित क्षेत्रफल से बड़े बनने वाले आवासीय भवनों और कमर्शियल परिसरों के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संरक्षण) को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। कुकरैल में 'महर्षि चरक औषधि वन' की स्थापना विश्व पर्यावरण दिवस के इस बड़े अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अवध वन प्रभाग के तहत आने वाले कुकरैल रेंज में 'एक पेड़ मां के नाम' महाअभियान का विधिवत शिलान्यास किया। सीएम योगी ने खुद यहाँ 'कपूर' का औषधीय पौधा रोपित किया। उनके साथ कार्यक्रम में मौजूद वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण सक्सेना ने 'आंवला', वन राज्यमंत्री केपी मलिक ने 'नीम' और स्थानीय विधायक ओपी श्रीवास्तव ने 'आंवला' का पौधा लगाया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कुकरैल में 'महर्षि चरक औषधि वन' की स्थापना की घोषणा भी की। उन्होंने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे अपने जीवन के हर महत्वपूर्ण और शुभ आयोजन पर एक पेड़ अवश्य लगाएं, पेड़ों को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचाएं और बरसात के पानी की एक-एक बूंद को जमीन में सुरक्षित करने का सामूहिक प्रयास करें। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: World: भारत-बांग्लादेश सीमा पर कड़ा सैन्य गतिरोध; ढाका ने BSF पर लगाया ‘पुश-इन’ का गंभीर आरोप ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]