यूनिक समय, नई दिल्ली। देश के हाईस्पीड बुलेट ट्रेन नेटवर्क का विस्तार करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम उठा दिया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश की राजधानी दिल्ली को सीधे पश्चिम बंगाल के प्रमुख शहर सिलीगुड़ी से जोड़ने के लिए एक नए 'दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन रूट' की आधिकारिक घोषणा की है। कोलकाता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बुलेट ट्रेन का संकल्प लिया है, जिसे अब इस नए कॉरिडोर के जरिए धरातल पर उतारा जा रहा है। इन प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगी बुलेट ट्रेन केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि यह महात्वाकांक्षी रेल रूट देश के कई बड़े राज्यों और प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बुलेट ट्रेन दिल्ली से रवाना होकर उत्तर प्रदेश के लखनऊ व वाराणसी और बिहार के पटना होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी पहुंचेगी। वर्तमान में दिल्ली से सिलीगुड़ी के बीच की दूरी लगभग 1500 किलोमीटर है, जिसे तय करने में यात्रियों को एक लंबा समय लगता है। हालांकि, इस बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद यह 1500 किमी लंबी यात्रा महज 6 घंटे में पूरी की जा सकेगी। रेल मंत्री ने अभी इस मेगा प्रोजेक्ट की शुरुआत, इसे पूरा करने की सटीक समयसीमा या रूट पर बनने वाले अन्य छोटे-बड़े स्टेशनों को लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बड़ी घोषणा के बाद रेल मंत्रालय जल्द ही इसका विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर जमीनी काम शुरू कर सकता है। कोलकाता मेट्रो का कायाकल्प राज्य सचिवालय में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय रेल मंत्री ने पश्चिम बंगाल के शहरी परिवहन को सुधारने के लिए भी बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि अगले 4 से 5 सालों के भीतर कोलकाता मेट्रो नेटवर्क को पूरी तरह आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाने के लिए 'न्यू जनरेशन' (नई पीढ़ी) के 60 आधुनिक रेक शामिल किए जाएंगे। कोलकाता मेट्रो के तेजी से हो रहे विस्तार की तुलना करते हुए रेल मंत्री ने आंकड़े पेश किए कि पिछले 40 वर्षों में जहां पूरे कोलकाता में सिर्फ 27 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन जोड़ी गई थी, वहीं मोदी सरकार के पिछले 11 वर्षों के कार्यकाल में ही रिकॉर्ड 45 किलोमीटर नई मेट्रो लाइनें जोड़कर जनता को समर्पित की जा चुकी हैं। पश्चिम बंगाल को ₹14,205 करोड़ का रिकॉर्ड बजट अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम बंगाल में रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि इस बार राज्य को ₹14,205 करोड़ का रिकॉर्ड रेलवे बजट आवंटित किया गया है। इस भारी-भरकम बजट से राज्य में यात्री सुविधाओं के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई सेवाओं को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती संप्रग (UPA) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ममता बनर्जी के रेल मंत्री रहते हुए भी पश्चिम बंगाल को रेलवे बजट के रूप में केवल 4,000 करोड़ रुपये के आसपास ही मिलते थे, जबकि आज मोदी सरकार राज्य के विकास के लिए रिकॉर्ड राशि खर्च कर रही है। बनेगा देश का सबसे बड़ा कॉरिडोर मालगाड़ियों के सुचारू संचालन और देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए रेल मंत्री ने एक और बड़े कॉरिडोर का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल के डानकुनी से लेकर गुजरात के सूरत तक 'ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर' विकसित किया जा रहा है। लगभग 2052 किलोमीटर लंबा यह विशेष रेल मार्ग भारत के पूर्वी और पश्चिमी औद्योगिक व व्यापारिक केंद्रों के बीच लॉजिस्टिक्स, माल ढुलाई और व्यापार की क्षमता को कई गुना बढ़ाने के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है, जिससे उद्योगों को अपना माल देश के एक कोने से दूसरे कोने तक भेजने में बेहद कम समय लगेगा। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Patna: ‘खान सर’ की आत्मसमर्पण की खबरों पर लगा विराम; वकील ने किया सरेंडर से साफ इनकार, बताया बड़ी साजिश ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]