यूनिक समय, नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 12वीं की पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन प्रक्रिया के दौरान पिछले कुछ दिनों से छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। दरअसल, पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल पर लॉगिन करने के दौरान कई छात्रों को 'Roll Number Not Found' (रोल नंबर नहीं मिला) का एरर संदेश दिखाई दे रहा था, जिसे लेकर तकनीकी खराबी की अफवाहें उड़ने लगी थीं। अब सीबीएसई ने सोमवार को इस पूरे मामले पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए स्थिति साफ कर दी है और बताया है कि आखिर यह एरर क्यों दिखाई दे रहा है। क्यों दिख रहा है 'Roll Number Not Found' एरर? CBSE द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 'Roll Number Not Found' का संदेश पोर्टल में किसी भी तरह की तकनीकी गड़बड़ी या सर्वर डाउन होने की वजह से नहीं आ रहा है। बोर्ड ने इसके पीछे के कड़े नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि यह संदेश केवल उन्हीं उम्मीदवारों के स्क्रीन पर दिखाई दे रहा है जिन्होंने पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज के पहले चरण यानी अपनी उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन नहीं किया था। CBSE के नियमों के मुताबिक, पुनर्मूल्यांकन (Re-Evaluation) और उत्तरों में दर्ज त्रुटियों के सत्यापन के लिए केवल वही छात्र पात्र माने जाते हैं जो पहले चरण में अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरा करते हैं। ऐसे में जिन छात्रों ने पहले चरण की अनिवार्य प्रक्रिया में भाग नहीं लिया, वे अगले चरण की सेवाओं के लिए स्वतः ही अपात्र हो गए और इसी वजह से पोर्टल उन्हें 'Roll Number Not Found' का संदेश दिखा रहा है। 2 से 7 जून तक चली आवेदन प्रक्रिया बोर्ड ने जानकारी दी है कि कक्षा 12वीं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन विंडो 2 जून से 7 जून 2026 तक खोली गई थी। इस पूरी अवधि के दौरान पोर्टल बिना किसी बाधा के पूरी तरह कार्यरत रहा। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे सरकारी तकनीकी एजेंसियों और आईआईटी (IIT) की विशेषज्ञ टीमों की कड़ी निगरानी में संचालित किया गया था। आवेदन अवधि के दौरान साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने भी पोर्टल पर 24 घंटे पैनी नजर रखी, ताकि किसी भी प्रकार के साइबर हमले, डेटा लीक या दुर्भावनापूर्ण डिजिटल गतिविधियों को पूरी तरह नाकाम किया जा सके। रिकॉर्ड 1.6 लाख से अधिक छात्रों ने किया आवेदन सीबीएसई द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष पोस्ट-रिजल्ट सेवाओं का लाभ उठाने के लिए छात्रों में भारी उत्सुकता देखी गई है, जिसके तहत बोर्ड के पास तय समय सीमा में रिकॉर्ड तोड़ आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसमें 2 जून से 7 जून 2026 तक की आधिकारिक आवेदन अवधि के दौरान पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने वाले कुल छात्रों की संख्या 1.6 लाख से अधिक रही, जिनके माध्यम से कुल 3।8 लाख से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं की जांच का अनुरोध किया गया है। अफवाहों से बचने की अपील CBSE ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान देश भर के छात्रों और अभिभावकों की तकनीकी व व्यावहारिक समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बोर्ड की विशेष हेल्पडेस्क और शिकायत निवारण प्रणाली लगातार सक्रिय रही। छात्रों के हर सवाल का जवाब देने के लिए बैकएंड पर समर्पित टीमें तैनात की गई थीं। बोर्ड ने अंत में दोहराया कि सीबीएसई छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए हमेशा एक पारदर्शी, सुगम और छात्र-केंद्रित पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही बोर्ड ने सभी छात्रों और अभिभावकों से पुरजोर अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक जानकारी में न आएं और केवल सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: महुअन टोल प्लाजा के पास भीषण सड़क हादसा; एक महिला की मौत, कई यात्री घायल ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]