यूनिक समय, नई दिल्ली। ओमान तट के पास वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर भारत और अमेरिका के बीच राजनयिक तल्खी बढ़ गई है। ओमान तट पर एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले की भारत सरकार द्वारा कड़ी निंदा किए जाने और अमेरिकी दूतावास के शीर्ष राजनयिक को तलब करने के बाद अब इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिकी विदेश विभाग (US State Department) का बड़ा बयान सामने आया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने गुरुवार (11 जून 2026) को आधिकारिक तौर पर कहा कि वह इस बेहद गंभीर मामले को लेकर भारत सरकार के साथ सीधे और निरंतर संपर्क में बना हुआ है। भारत ने अमेरिकी राजनयिक को किया तलब दरअसल, ओमान तट के समीप जहाजों को निशाना बनाए जाने के विरोध में भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने कड़ा रुख अपनाते हुए भारत में अमेरिका के चार्ज डी अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब किया था। भारत सरकार ने अमेरिकी उप-मिशन प्रमुख के समक्ष जहाजों की सुरक्षा को लेकर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की और उन्हें एक सख्त विरोध पत्र यानी 'डेमार्श' (Demarche) भी जारी किया। हिंदुस्तान टाइम्स (HT) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत द्वारा अमेरिकी राजनयिक को तलब किए जाने और दो जहाजों पर हुए हालिया हमलों के संबंध में जब अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता से सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय इस पूरे विषय को लेकर नई दिल्ली में भारत सरकार के अधिकारियों के साथ लगातार कूटनीतिक संवाद में है। वाणिज्यिक पोत 'सेटेबेलो' पर हमला भारतीय विदेश मंत्रालय ने बुधवार (10 जून) को एक विस्तृत बयान जारी कर बताया कि ओमान तट के पास वाणिज्यिक पोत 'सेटेबेलो' पर एक भीषण हमला हुआ था। इस जहाज पर कुल 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें से 21 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। हालांकि, 3 भारतीय नाविक इस हादसे के बाद से अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए स्थानीय अधिकारियों के सहयोग से बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा, "हम ओमान तट के पास वाणिज्यिक पोत 'सेटेबेलो' पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे ये हमले बेहद चिंताजनक हैं और यह वहां जारी संघर्ष का सीधा परिणाम हैं।" अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही बहाल करने की मांग भारत सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी अशांति को इन हमलों की मुख्य वजह बताते हुए वैश्विक स्तर पर शांति बहाली की अपील की है और भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि सभी संबंधित पक्षों को तत्काल प्रभाव से तनाव कम करना चाहिए तथा कूटनीतिक समाधान के लिए जारी बातचीत को सफल बनाना चाहिए, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता लौट सके। इसके साथ ही भारतीय विदेश मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाए जाने की हिंसक घटनाएं तुरंत बंद होनी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही तथा वैश्विक व्यापार को जल्द से जल्द सुरक्षित रूप से बहाल किया जाना चाहिए। इससे पहले ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (Twitter) पर इस समुद्री घटना की जानकारी साझा करते हुए कहा था कि वे स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए हुए हैं और ओमान के स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं। एमटी मैरिवेक्स हादसे के सभी 24 भारतीय नाविक भी बचाए गए गौरतलब है कि इससे ठीक दो दिन पहले, सोमवार (8 जून) को भी होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में पालाऊ फ्लैग वाले जहाज 'एमटी मैरिवेक्स' में अचानक आग लग गई थी, जिसके बाद वह ओमान तट के पास पूरी तरह निष्क्रिय हो गया था। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार (9 जून) को जानकारी दी थी कि इस जहाज पर सवार सभी 24 चालक दल के सदस्य भारतीय नागरिक थे और एक त्वरित बचाव अभियान चलाकर सभी 24 नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। भारत ने इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए ओमान सरकार का विशेष आभार भी व्यक्त किया है। पश्चिम एशिया संकट पर भारत ने जताई गहरी चिंता भारतीय विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में दोबारा भड़कते तनाव और 100 दिनों से अधिक समय से जारी संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की है। भारत का मानना है कि इस लंबे खिंचते विवाद ने न केवल एक बड़ा मानवीय संकट खड़ा कर दिया है, बल्कि इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति (क्रूड ऑयल सप्लाई चैन) पर भी बेहद प्रतिकूल और गंभीर असर डाला है। भारत ने सभी वैश्विक ताकतों से संयम बरतने और शांतिपूर्ण समाधान खोजने की अपील की है।