यूनिक समय, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को लेकर चल रही भारी अटकलों के बीच आसनसोल से सांसद और दिग्गज अभिनेता शत्रुघन सिन्हा ने खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट की है। शत्रुघन सिन्हा ने तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए एलान किया है कि वे इस दुख और मुसीबत की घड़ी में अपनी पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। उन्होंने साफ किया कि वे भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) में शामिल होने वाले बागी सांसदों की सूची में बिल्कुल भी शामिल नहीं हैं। ममता दीदी ने मुसीबत में मेरा साथ दिया: शत्रुघन सिन्हा शत्रुघन सिन्हा ने ममता बनर्जी के प्रति अपनी वफादारी जाहिर करते हुए कहा, "दीदी (ममता बनर्जी) ने मुसीबत के समय हमेशा मेरा साथ दिया है, इसलिए मैं उन्हें छोड़कर कहीं नहीं जाने वाला।" इससे पहले उनके करीबी सूत्रों ने भी यह स्पष्ट कर दिया था कि शत्रुघ्न सिन्हा फिलहाल दिल्ली से बाहर हैं और उन्होंने किसी भी तरह के विद्रोही पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। मीडिया और सियासी गलियारों में उनके दस्तखत करने को लेकर जो भी खबरें चल रही हैं, वे पूरी तरह से भ्रामक और निराधार हैं। TMC के 20 लोकसभा सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को लिखा पत्र यह पूरा सियासी बवाल तब शुरू हुआ जब हाल ही में एक बेहद गोपनीय खबर लीक हुई। खबरों के मुताबिक, यूसुफ पठान, शत्रुघ्न सिन्हा, काकोली घोष दस्तीदार और सायनी घोष सहित टीएमसी के करीब 20 लोकसभा सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक साझा पत्र लिखा है। इस पत्र में इन सांसदों द्वारा भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) गठबंधन में शामिल होने की इच्छा व्यक्त किए जाने की बात कही जा रही है। पश्चिम बंगाल में टीएमसी के हालिया चुनावी प्रदर्शन और हार के बाद इन सांसदों का पार्टी से मोहभंग होने की चर्चाएं आम हैं। बागी सांसदों की संभावित सूची में इन दिग्गजों के नाम शामिल पार्टी विरोधी रुख अपनाने और बागी गुट में शामिल होने वाले जिन टीएमसी सांसदों के नाम इस समय सबसे ज्यादा चर्चा में चल रहे हैं, उनमें पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान, दिग्गज नेता व अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा, देव अधिकारी, शताब्दी रॉय, जून मालिया और रचना बनर्जी शामिल हैं। इनके अलावा अन्य प्रमुख सांसदों में अबू ताहिर खान, पार्थ भौमिक, काकोली घोष दस्तीदार, बापी हलदर, सायोनी घोष, असित मल, के रहमान, शर्मिला सरकार, मिताली बाग, कालीपद सोरेन, माला रॉय, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया और अरूप चक्रवर्ती के नाम भी सामने आ रहे हैं, हालांकि शत्रुघ्न सिन्हा के इस ताजा बयान के बाद अब इस सूची की विश्वसनीयता और बागी सांसदों के अगले कदम को लेकर सस्पेंस और गहरा गया है। टीएमसी के तीसरे सांसद प्रकाश चिक बराइक का इस्तीफा एक तरफ जहां लोकसभा सांसदों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ राज्यसभा में टीएमसी को लगातार बैक-टू-बैक बड़े झटके लग रहे हैं। पश्चिम बंगाल से टीएमसी के एक और राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों के भीतर राज्यसभा से टीएमसी का यह तीसरा बड़ा इस्तीफा है। इससे पहले सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव जैसी सीनियर नेता भी राज्यसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दे चुके हैं। राज्यसभा से लगातार हो रहे इन इस्तीफों और लोकसभा सांसदों की संभावित बगावत ने ममता बनर्जी की चिंताएं बढ़ा दी हैं और बंगाल से लेकर दिल्ली तक की सियासत को गरमा दिया है।