यूनिक समय, नई दिल्ली। राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मंगलवार देर रात एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। उत्तराखंड के ऋषिकेश से मध्य प्रदेश के इंदौर जा रही एक निजी स्लीपर बस आगे चल रहे एक ट्रेलर (ट्रक) से बेहद जोरदार तरीके से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण और जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों में पलक झपकते ही भयंकर आग लग गई। देखते ही देखते बस और ट्रेलर आग का गोला बन गए। इस रूह कंपा देने वाले हादसे में अब तक 8 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिनमें से 6 लोगों की मौत आग की लपटों में जिंदा झुलसने के कारण हुई है, जबकि दो लोगों ने सिर में गंभीर चोट लगने की वजह से दम तोड़ा है। वहीं, हादसे में 24 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। झपकी बनी हादसे की वजह दौसा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पीयूष दीक्षित ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह हृदयविदारक दुर्घटना कोलवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत तनावड़ स्थित जीरो पॉइंट पर देर रात करीब 2:30 बजे घटित हुई। पुलिस की शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि देर रात बस ड्राइवर को अचानक नींद की झपकी आ गई थी, जिसके कारण तेज रफ्तार बस सीधे आगे चल रहे ट्रेलर में जा घुसी। टक्कर लगते ही बस के अगले हिस्से में आग लग गई, जो इतनी तेजी से फैली कि सो रहे यात्रियों को संभलने और बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। चश्मदीदों के मुताबिक, दुर्घटना के बाद बस का इमरजेंसी गेट भी नहीं खुल सका, जिससे यात्री अंदर ही फंस गए और बस करीब एक घंटे तक धू-धू कर जलती रही। स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग और घने धुएं के बीच से खिड़कियां तोड़कर कई यात्रियों और बच्चों को बाहर निकाला। सिगरेट के पैकेटों ने भड़काई आग घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने एक चौंकाने वाला दावा भी किया है। उनके मुताबिक, बस के निचले स्टोरेज बॉक्स (डिग्गी) में भारी मात्रा में सिगरेट के पैकेट भरे हुए थे, जिसके कारण आग ने कुछ ही मिनटों में इतना विकराल और वीभत्स रूप ले लिया। हालांकि, पुलिस प्रशासन अभी इस दावे की गहनता से जांच कर रहा है। सांसद मुरारी लाल मीणा ने बताया कि बस में 37 यात्रियों ने ऑनलाइन बुकिंग कराई थी और मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। चूंकि 6 शव पूरी तरह से कोयला बन चुके हैं और बुरी तरह झुलस गए हैं, इसलिए उनकी शिनाख्त के लिए प्रशासन को डीएनए (DNA) सैंपलिंग का सहारा लेना पड़ेगा। दौसा कलेक्टर डॉ. सौम्या झा ने बताया कि मृतकों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए सभी शवों के सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रशासन ने गठित की उच्चस्तरीय जांच समिति दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुएइस भीषण हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर डॉ. सौम्या झा ने मामले की तकनीकी, प्रशासनिक और सुरक्षात्मक पहलुओं से जांच के लिए एक उच्चस्तरीय विशेष समिति का गठन कर दिया है। इस समिति में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (लालसोट), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (दौसा), प्रादेशिक परिवहन अधिकारी (RTO) और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे। दूसरी ओर, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने इस भीषण सड़क हादसे पर गहरा शोक और संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना करते हुए स्थानीय प्रशासन को घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता प्रदान करने और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। फिलहाल सभी घायलों का इलाज दौसा जिला अस्पताल में जारी है, जहाँ अपनों को खो चुके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Unnao Accident: उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा; बेकाबू स्लीपर बस ने कार के उड़ाए परखच्चे, 5 की मौत ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]