यूनिक समय, मथुरा। जनपद के थाना सदर बाजार क्षेत्र के अंतर्गत विष्णु विहार कॉलोनी से एक बेहद सनसनीखेज और दुखद मामला सामने आया है, जहाँ सेना से सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) एक फौजी की पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में सिर में गोली लगने से मौत हो गई। सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे हुई इस खौफनाक वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, वहीं मायके और ससुराल पक्ष के दावों में भारी विरोधाभास होने के कारण मामला पूरी तरह उलझ गया है। कमांड हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना सदर बाजार क्षेत्र की विष्णु विहार कॉलोनी में भारतीय सेना से रिटायर फौजी चंद्रवीर सिंह अपनी पत्नी नेहा और बच्चों के साथ रहते हैं। सोमवार रात संदिग्ध हालात में नेहा के सिर में बेहद नजदीक से गोली लग गई। गोली चलने की आवाज और नेहा को लहूलुहान हालत में देख घर में कोहराम मच गया। फौजी पति चंद्रवीर सिंह आनन-फानन में नेहा को गंभीर हालत में इलाज के लिए सैन्य अस्पताल (कमांड हॉस्पिटल) ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद नेहा को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर देर रात ही सदर बाजार पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पति की थ्योरी घटना के संबंध में सेना से सेवानिवृत्ति के बाद ट्रेवल्स का व्यवसाय करने वाले पति चंद्रवीर सिंह ने पुलिस को एक अलग कहानी बताई है। फौजी चंद्रवीर के मुताबिक, सोमवार को गाजियाबाद से उनका एक दोस्त उनसे मिलने मथुरा आया था। दोस्त अपना बैग घर पर ही रखकर बाहर घूमने चला गया था। चंद्रवीर का दावा है कि उनके दोस्त के बैग में एक पिस्टल रखी हुई थी। पीछे से घर पर मौजूद उनके बेटे प्रिंस ने कौतूहलवश बैग से वह पिस्टल निकाल ली और अपनी मां नेहा को दिखाने लगा। इसी दौरान अचानक अनजाने में ट्रिगर दब गया और गोली सीधे नेहा के सिर में जा लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। चंद्रवीर के तीन बच्चे हैं, जिनमें नितिन, प्रिंस और एक बेटी शामिल है। मायके पक्ष का संगीन आरोप मंगलवार दोपहर नेहा की मौत की खबर मिलते ही उनके मायके पक्ष के लोग रोते-बिलखते मथुरा पहुंचे। पोस्टमॉर्टम हाउस पर नेहा का शव देख परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या करार देते हुए भारी हंगामा शुरू कर दिया। मृतका नेहा के भाई ने बेहद संगीन आरोप लगाते हुए कहा, "यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सीधे तौर पर हत्या है और इसे मेरे जीजा चंद्रवीर ने ही अंजाम दिया है। एक छोटा बच्चा इस तरह गोली नहीं चला सकता। गोली बिल्कुल सिर से सटाकर मारी गई है। चंद्रवीर मेरी बहन नेहा को लंबे समय से शारीरिक और मानसिक रूप से टॉर्चर कर रहा था। वह उसे मायके वालों से बात तक नहीं करने देता था। प्रताड़ना से तंग आकर नेहा कई महीने मायके में भी रही थी।" पोस्टमॉर्टम हाउस पर बढ़ते हंगामे को देख भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और पीड़ित पक्ष को निष्पक्ष जांच का भरोसा देकर शांत कराया। जांच में जुटी पुलिस इस हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामले पर एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस ने घटना की गहनता से वैज्ञानिक और कानूनी जांच शुरू कर दी है। पुलिस की एक विशेष टीम के साथ फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने घटनास्थल (विष्णु विहार कॉलोनी स्थित आवास) का बारीकी से निरीक्षण किया है और वहां से उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) व अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। वारदात के वक्त घर में नेहा के अलावा उनका बेटा प्रिंस ही मौजूद था। पुलिस अब मायके पक्ष के आरोपों, पति चंद्रवीर के बयानों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, ताकि नेहा की मौत के पीछे का असली सच सामने आ सके। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: ‘लॉक अप’ में Sunita Ahuja का बड़ा खुलासा; 14 साल बाद ऐसे खत्म हुआ गोविंदा-कृष्णा का पारिवारिक झगड़ा ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]