यूनिक समय, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के दक्षिण कश्मीर स्थित शोपियां इलाके में पिछले चार दिनों से चल रहे एक बड़े आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरक्षाबलों ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े एक बेहद खतरनाक और टॉप कमांडर जाकिर गनई को मार गिराया है। मुठभेड स्थल से आतंकी का शव बरामद कर लिया गया है और उसके पास से भारी मात्रा में गोला-बारूद व आधुनिक हथियार भी मिले हैं। इस मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी को और मजबूत कर दिया है, क्योंकि वहाँ एक और आतंकी के छिपे होने की आशंका है जिसकी तलाश में सर्च ऑपरेशन तेजी से चलाया जा रहा है। सुरक्षाबलों की संयुक्त कार्रवाई न्यूज़ एजेंसी 'कश्मीर न्यूज़ ऑब्ज़र्वर' (KNO) के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, इस सफल ऑपरेशन के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक बेहद कड़ा संदेश पोस्ट किया। पुलिस ने लिखा, "तुम भाग तो सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते! SOG शोपियां ने भारतीय सेना की राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के साथ मिलकर चलाए गए एक बेहद सटीक और जॉइंट ऑपरेशन में लश्कर के इस खूंखार आतंकवादी को मार गिराया है।" निगरानी कैमरों में कैद हुए थे आतंकी अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस दुर्गम और संवेदनशील इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की एक बेहद पुख्ता खुफिया जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को मिली थी। इसके बाद 3 जुलाई को मीमंदर इलाके के एक घने बाग में लगे हाई-टेक निगरानी कैमरों (सीसीटीवी) में आतंकियों की संदिग्ध हलचल देखी गई थी। यह पूरा इलाका करीब सात अलग-अलग गांवों में फैला हुआ है। इनपुट मिलते ही सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमों ने पूरे क्षेत्र को चारों तरफ से घेर लिया और बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान (कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन) की शुरुआत की। आतंकियों के भागने के सभी संभावित रास्तों को पूरी तरह ब्लॉक करने के लिए सेना की काउंटर-इंसर्जेंसी यूनिट 'विक्टर फोर्स' ने मोर्चा संभाला और इलाके में अतिरिक्त जवानों को तैनात कर दिया था। पहलगाम हमले में भी शामिल था आतंकी का नाम सुरक्षा रिकॉर्ड और आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, इस ऑपरेशन में घेरे गए दोनों आतंकवादी मूल रूप से दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के रहने वाले हैं। मार गिराया गया लश्कर कमांडर जाकिर गनई साल 2024 से ही घाटी में सक्रिय था और लश्कर के नेटवर्क को मजबूत करने में लगा हुआ था। सुरक्षाबलों को लंबे समय से उसकी तलाश थी और उसका नाम अमरनाथ यात्रा के मार्ग पर हुए प्रसिद्ध पहलगाम हमले की साजिश में भी प्रमुखता से शामिल था। वहीं, उसका दूसरा साथी लतीफ पिछले साल ही इस आतंकी संगठन में शामिल हुआ था, जिसकी तलाश में जंगल और बागों के चप्पे-चप्पे को खंगाला जा रहा है। अंतिम रिपोर्ट मिलने तक सुरक्षाबलों का यह ऑपरेशन लगातार जारी था। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Baruipur Case: एक नाबालिग बच्ची के बलात्कार और उसकी हत्या का मुख्य आरोपी प्रभास मंडल एनकाउंटर में ढेर ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]