यूनिक समय, नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार का दिन निवेशकों के लिए किसी तबाही से कम नहीं रहा। कमजोर वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच दोपहर बाद शेयर बाजार पर बिकवाली का ऐसा भयानक तूफान आया कि पूरा बाजार लाल निशान में डूब गया। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अचानक बढ़े भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक तीखे बयान ने जलते हुए वैश्विक बाजार में घी का काम किया, जिससे चौतरफा घबराहट (पैनिक सेलिंग) फैल गई। इस भारी गिरावट के चलते नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़कर नीचे आ गया, वहीं बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स भी 1,600 से अधिक अंक लुढ़क गया। डोनाल्ड ट्रंप के एलान से बिगड़ा बाजार का मिजाज बाजार में शुरुआती कारोबार से ही सुस्ती थी, लेकिन दूसरे सत्र में बिकवाली तब और तेज हो गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की (अंकारा) से एलान किया कि ईरान के साथ युद्धविराम का अंतरिम समझौता (MoU) अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में ईरान पर रातभर किए गए हवाई हमलों और ईरानी कच्चे तेल पर दोबारा कड़े प्रतिबंध लगाने की खबर ने आग में घी का काम किया। इस नए तनाव से मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध की आशंका और वैश्विक तेल आपूर्ति ठप होने के डर से घरेलू और विदेशी निवेशक सहम गए। सेंसेक्स 1677 अंक और निफ्टी 516 अंक गिरकर बंद बुधवार को कारोबारी सत्र के अंत में बीएसई (BSE) का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 1,677.12 अंक यानी 2.15% की भारी-भरकम गिरावट के साथ 76,503.60 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, एनएसई (NSE) का मुख्य सूचकांक निफ्टी भी 516.65 अंक यानी 2.12% की तगड़ी चोट खाकर 23,882.05 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार का एडवांस-डिक्लाइन रेशियो बेहद खराब रहा; पूरे सत्र में जहां केवल 1,023 शेयरों में तेजी देखने को मिली, वहीं 3,070 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए और 159 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। लगभग सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स भारी नुकसान के साथ लाल निशान में बंद हुए। निवेशकों के ₹8 लाख करोड़ स्वाहा इस ऐतिहासिक गिरावट ने शेयर बाजार के निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है। बुधवार सुबह जब बाजार खुला था, तब निवेशकों का नुकसान करीब ₹4 लाख करोड़ के आसपास आंका जा रहा था, लेकिन दोपहर बाद मचे हाहाकार के कारण यह दोगुना हो गया। बीएसई (BSE) में लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (मार्केट कैप) एक ही दिन में ₹479.67 लाख करोड़ से घटकर ₹471.49 लाख करोड़ पर आ गया। इसका सीधा मतलब यह है कि महज कुछ ही घंटों के भीतर निवेशकों की करीब ₹8 लाख करोड़ की गाढ़ी कमाई शेयर बाजार के गर्त में समा गई। इंडिया VIX 25% उछला निफ्टी के अंतर्गत सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल, इंडिगो (इंटरग्लोब एविएशन), श्रीराम फाइनेंस, मारुति सुजुकी और हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) प्रमुख रहे। सेंसेक्स के हीटमैप पर नजर डालें तो कोटक महिंद्रा बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयर भी 1% से लेकर 2% तक लुढ़क गए। हालांकि, इस चौतरफा तबाही के बीच ओएनजीसी, हिंदाल्को, कोल इंडिया और बजाज ऑटो जैसे चुनिंदा शेयर मामूली बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहे। बाजार में व्याप्त डर और अनिश्चितता को मापने वाला इंडेक्स 'इंडिया विक्स' (India VIX) बुधवार को 24.53% की भीषण छलांग लगाकर 14.50 के स्तर पर पहुंच गया। इंडिया विक्स का इस कदर उछलना साफ तौर पर दर्शाता है कि आने वाले दिनों में बाजार में और अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जिससे निवेशकों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Iran-US Ceasefire End: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बोले— ‘सब खत्म’; रातभर भीषण हमलों के बाद तोड़ा MoU ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]