यूनिक समय, नई दिल्ली। मंडी संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने एक बार फिर अपने बेबाक और तीखे बयानों से राजनीतिक तथा बॉलीवुड गलियारों में हलचल मचा दी है। संसद सत्र में शामिल होने से पहले साझा किए गए एक भावुक और आक्रामक वीडियो संदेश में कंगना ने कथित वामपंथी (लेफ्टिस्ट) विचारकों और समाज के ठेकेदारों की दोहरी मानसिकता पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने हिंदू बेटियों की वैचारिक स्वतंत्रता का समर्थन करते हुए खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा की विचारधारा से जोड़ने के अपने अधिकार पर खुलकर बात की। 'इस्लामिस्टों के संपर्क में आते ही बदल जाती है सोच' अपने वीडियो संदेश में कंगना रनौत ने फिल्म इंडस्ट्री और समाज की हिंदू बेटियों के हवाले से एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में कई ऐसी हिंदू बेटियां और बहनें हैं, जिनकी शुरुआत में धर्म या राजनीति को लेकर कोई स्पष्ट विचारधारा नहीं होती और वे बिल्कुल तटस्थ रहती हैं। हालांकि, जैसे ही वे किसी इस्लामिस्ट के संपर्क में आती हैं—चाहे वह दोस्ती हो, अफेयर हो या शादी—उनकी सोच अचानक से परिभाषित हो जाती है और वे कट्टरपंथी लेफ्टिस्ट बन जाती हैं। कंगना ने सवाल उठाया कि जब संविधान सभी को अपनी विचारधारा चुनने की आजादी देता है, तो फिर किसी जागरूक हिंदू के लिए यही आजादी मांगे जाने पर समाज में दोहरे मापदंड (Double Standards) क्यों अपनाए जाते हैं? 'हां, मैं अतीत में मॉडरेट हिंदू थी....' खुद पर होने वाले लगातार हमलों का जवाब देते हुए सांसद कंगना रनौत ने कहा, "मुझ पर तंज कसे जाते हैं कि तुम कब से 'संघी' बन गई? हां, मैं अतीत में एक मॉडरेट हिंदू थी, मैं पार्टियां भी करती थी और ग्लैमरस जिंदगी जीती थी। लेकिन आज अगर मैं खुद को बदलकर आरएसएस और बीजेपी की विचारधारा से जोड़ना चाहती हूं, एक 'अवेकंड' और अनुशासित हिंदू बनना चाहती हूं, तो मेरे लिए वह रास्ता क्यों बंद किया जा रहा है?" कंगना ने दो टूक शब्दों में कहा कि समाज के ठेकेदारों की यह दोगली सोच अब नहीं चलने वाली है। हर व्यक्ति को समय के साथ बदलने और अपनी धार्मिक व राजनीतिक निष्ठा चुनने का पूरा अधिकार है। [embedpress]https://www.instagram.com/reel/DbkQiSITpZ1/?utm_source=ig_web_copy_link&igsh=MzRlODBiNWFlZA[/embedpress] 'पुराने दिनों की याद दिलाकर अतीत की अग्निपरीक्षा लेना बंद करें' कंगना ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब भी वह अपनी वर्तमान सोच और हिंदुत्व को लेकर खुलकर बात करती हैं, तब लोग उन्हें उनके पुराने जीवन की याद दिलाने लगते हैं। उन्हें यह कहकर घेरा जाता है कि उन्होंने अतीत में किस तरह की फिल्में कीं या कैसा जीवन जिया। कंगना ने कहा कि इंसान समय के साथ परिपक्व होता है और उसकी सोच बदल सकती है। उन्होंने समाज से अपील की कि अगर कोई हिंदू महिला एक अनुशासित जीवनशैली और अपनी पहचान की ओर बढ़ना चाहती है, तो उसके अतीत की अग्निपरीक्षा लेना और उस पर सवाल खड़े करना बंद किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर लोगों से मांगी राय वीडियो के अंत में कंगना रनौत ने अपने फॉलोअर्स और देश की जनता से राय मांगते हुए पूछा कि लोग उनकी इस वैचारिक यात्रा को किस तरह देखते हैं। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि देश की हर महिला को बिना किसी दबाव के अपनी सोच, पहचान और विचारधारा चुनने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: श्रीलंका दौरे से पहले टीम इंडिया में बड़ा बदलाव; जसप्रीत बुमराह चोट के कारण टेस्ट सीरीज से बाहर, आकिब नबी की हुई एंट्री ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]