यूनिक समय, नई दिल्ली। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रमुख व्यापारिक केंद्र दुबई स्थित जेबेल अली इंडस्ट्रियल एरिया में देर रात एक के बाद एक हुए कम से कम सात भीषण धमाकों से पूरा इलाका दहल उठा। धमाकों के तुरंत बाद आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। ईरान की मेहर समाचार एजेंसी ने अमीराती अधिकारियों के हवाले से बताया कि मात्र 20 मिनट के भीतर यह सात धमाके दर्ज किए गए। हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह घटना किसी सैन्य हमले का नतीजा थी या फिर कोई औद्योगिक दुर्घटना। वीडियो बनाने वाले दो लोग गिरफ्तार रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर करने के आरोप में स्थानीय प्रशासन ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, हालांकि राहत की बात यह है कि प्राथमिक जानकारी में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है। पास स्थित 'अल फुरजान' रिहायशी इलाके के निवासियों ने बताया कि उन्होंने देर रात तेज धमाकों की आवाजें सुनीं और कुछ ही देर में आसमान में धुआं भर गया। इसके अलावा, नासा के थर्मल डेटा से पता चला है कि जेबेल अली बंदरगाह से सटे एक ऐसे गोदाम में भीषण आग लगी थी, जिसका इस्तेमाल ईंधन के भंडारण और ट्रांसफर के लिए किया जाता है। ईराकी मीडिया का मिसाइल हमले का दावा अमेरिका और ईरान के बीच जारी भारी तनाव के बीच ईराकी समाचार एजेंसियों ने दावा किया है कि यमन से यूएई पर मिसाइल दागी गई थी। हालांकि, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के आधिकारिक मीडिया और प्रशासन ने धमाके की वास्तविक वजह पर फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। क्यों बेहद अहम है जेबेल अली का इलाका? दुबई शहर के केंद्र से लगभग 25 मील दक्षिण-पश्चिम में स्थित जेबेल अली यूएई का एक अत्यंत रणनीतिक और आर्थिक केंद्र है। यहां दुनिया का सबसे बड़ा मानव-निर्मित बंदरगाह और विशाल फ्री ट्रेड जोन (Free Trade Zone) मौजूद है, जहां से बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग का संचालन होता है। इसके अलावा, इसके पास ही कृत्रिम द्वीपों का प्रसिद्ध समूह 'पाम जेबेल अली' और कई प्रमुख शॉपिंग हब स्थित हैं, जो इसे पर्यटन और रिहायशी दृष्टिकोण से भी खास बनाते हैं। मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के चलते यूएई लगातार हाई अलर्ट पर है, क्योंकि इस क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों पर तेहरान या उसके समर्थित गुटों के हमलों का खतरा हमेशा बना रहता है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Breaking: मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग को संसदीय समिति का अल्टीमेटम; “PM मोदी का वीडियो हटाने पर 3 दिन में मांगे माफी” ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]