Tue, Sep 29th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

World: अमेरिका से भारतीय फार्मा सेक्टर को बड़ी राहत; दुर्लभ बीमारियों और खास दवाओं के आयात पर नहीं लगेगा 100% शुल्क

by Tarun Bhardwaj • September 29, 2026
Major relief for the Indian pharma sector from the US

World: अमेरिका से भारतीय फार्मा सेक्टर को बड़ी राहत; दुर्लभ बीमारियों और खास दवाओं के आयात पर नहीं लगेगा 100% शुल्क

इस खबर को सुनें • हिंदी

00:00
00:00
Advertisement
Ad

यूनिक समय, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयातित दवाओं पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ (मूल्यानुसार शुल्क) लगाने की घोषणा के बीच भारतीय फार्मा उद्योग के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका के वाणिज्य विभाग ने फेडरल रजिस्टर में एक नोटिस प्रकाशित कर स्पष्ट किया है कि भारत सहित 20 प्रमुख देशों से आयात की जाने वाली दुर्लभ बीमारियों की दवाओं और उनके अवयवों (Ingredients) पर शून्य प्रतिशत शुल्क (Zero Duty) की छूट दी जाएगी।

अमेरिका के इस निर्णय से न केवल वैश्विक आपूर्ति शृंखला बाधित होने से बचेगी, बल्कि भारतीय दवा कंपनियों को भी अमेरिकी बाजार में अपना निर्यात बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के जारी रखने में मदद मिलेगी।

किन दवाओं को मिलेगी 100% टैरिफ से छूट?

अमेरिकी वाणिज्य विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार धारा 232 के तहत लगने वाले शुल्क से राहत पाने के लिए विभिन्न प्रकार के चिकित्सा उत्पादों को 100% टैरिफ छूट की श्रेणी में शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत दुर्लभ बीमारियों के इलाज में उपयोग की जाने वाली विशेष दवाओं को इस भारी टैरिफ से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। इसके अतिरिक्त आधुनिक चिकित्सा तकनीक से जुड़ी सेल थेरेपी और जीन थेरेपी से संबंधित उत्पादों को भी शुल्क से शत-प्रतिशत राहत प्रदान की गई है।

बांझपन के उपचार में काम आने वाली औषधियों और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में प्रयुक्त होने वाली एंटीबॉडी-ड्रग कंजुगेट्स (ADC) को भी इस छूट का लाभ मिलेगा। पशु स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पशु औषधियों को भी शून्य प्रतिशत शुल्क की श्रेणी में रखा गया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इन सभी दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख सक्रिय अवयवों (Active Ingredients) पर भी कोई शुल्क लागू नहीं होगा। वहीं सामान्य जेनेरिक दवाओं को इस टैरिफ व्यवस्था के दायरे से पहले ही बाहर रखा जा चुका था।

भारत समेत 20 देशों को राहत, क्या है वजह?

शून्य प्रतिशत शुल्क दर के दायरे में भारत के अलावा अर्जेंटीना, बांग्लादेश, ईयू (यूरोपीय संघ), ब्रिटेन, जापान, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड, ताइवान, थाईलैंड और वियतनाम जैसे 20 देश और क्षेत्र शामिल हैं।

अमेरिकी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि इन देशों को यह लाभ इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि इनका अमेरिका के साथ वर्तमान में व्यापार व सुरक्षा ढांचा समझौता है या भविष्य में ऐसा समझौता होने की संभावना है।

अमेरिकी उपभोक्ताओं को महंगाई से बचाने की कवायद

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका पेटेंट दवाओं और जीवनरक्षक औषधियों पर 100 फीसदी का भारी-भरकम शुल्क लगाता, तो इससे अमेरिकी नागरिकों पर दवाओं की कीमतों का अत्यधिक बोझ पड़ता और देश में स्वास्थ्य सेवाएं महंगी हो जातीं। यही कारण है कि अमेरिकी सरकार ने अपने घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ आवश्यक व दुर्लभ दवाओं के लिए इस छूट का प्रावधान किया है।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े: Asian Games 2026: भारतीय एथलीट गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास; एक ही सीजन में 3 मेडल जीतने वाले भारत के दूसरे एथलीट बने

ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे  WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें।

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Asian Games 2026 में भारतीय एथलीट गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास Oppo K14 Plus भारत में लॉन्च हुआ यूपी विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा ने घोषित किए उम्मीदवारों के नाम मथुरा कलेक्ट्रेट पर महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन Asian Games 2026 में भारतीय निशानेबाज नीरू ढांडा ने रचा इतिहास मथुरा में 3-4 अक्टूबर को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की दो दिवसीय उच्चस्तरीय समन्वय बैठक पूर्व IAS दिव्या मित्तल का राजनीति में कदम; निर्दलीय रहकर करेंगी जनसेवा मथुरा में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल; IAS सलोनी गौतम बनीं गोवर्धन की नई SDM