यूनिक समय, नई दिल्ली। भारतीय घरेलू क्रिकेट और रणजी ट्रॉफी के इतिहास में 19 अक्टूबर 2026 की तारीख स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई है। मिजोरम की तरफ से खेलते हुए युवा बल्लेबाज चिन्मय सुतार (Chinmay Sutar) ने नागालैंड के खिलाफ रणजी मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 400 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। इसके बाद कप्तान ने पारी घोषित कर दी। इस शानदार दोहरे-तिहरे नहीं बल्कि 'चौहरे शतक' के साथ ही चिन्मय सुतार प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 400 रन बनाने वाले भारत के दूसरे और दुनिया के कुल 10वें खिलाड़ी बन गए हैं। रणजी ट्रॉफी में 77 साल का सूखा खत्म भारतीय घरेलू क्रिकेट के इतिहास में इससे पहले साल 1948 में महाराष्ट्र के लिए खेलते हुए बीबी निंबालकर यानी भाऊसाहब बाबासाहब निम्बाल्कर ने काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रनों की पारी खेली थी। जिसके बाद पिछले 77 वर्षों में कोई भी भारतीय बल्लेबाज प्रथम श्रेणी क्रिकेट यानी रणजी ट्रॉफी में 400 रनों के आंकड़े को नहीं छू पाया था, लेकिन अब लगभग 78 साल बाद चिन्मय सुतार ने यह बड़ा कारनामा कर दिखाया है। वे इस मुकाम को हासिल करने वाले भारत के मात्र दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं, जिसके साथ ही उनका नाम वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा और ऑस्ट्रेलिया के डॉन ब्रैडमैन जैसे दिग्गजों की फेहरिस्त में शुमार हो गया है। अकेले लड़े चिन्मय, मिजोरम का स्कोर 581/9 घोषित यह मुकाबला मिजोरम और नागालैंड के बीच खेला जा रहा है, जिसमें नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने उतरे चिन्मय सुतार ने अकेले दम पर मोर्चा संभालते हुए अपनी इस रिकॉर्ड पारी के दौरान 517 गेंदों का सामना करके 46 चौके और 7 छक्के जड़ते हुए 77.36 के स्ट्राइक रेट से नाबाद 400 रन बनाए, जबकि इस पारी की सबसे खास बात यह रही कि जहां एक तरफ चिन्मय ने 400 रन ठोक डाले। वहीं टीम का कोई अन्य बल्लेबाज 100 रन के करीब भी नहीं पहुंच सका और टीम के लिए दूसरा सबसे बड़ा स्कोर जेहू एंडरसन ने बनाया जिन्होंने 151 गेंदों पर 69 रनों की पारी खेली जबकि मनेंदर सिंह ने 27 रन बनाए, जिसके बाद अंत में मिजोरम की टीम ने 9 विकेट के नुकसान पर 581 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी। सिर्फ दूसरे फर्स्ट-श्रेणी मैच में रचा इतिहास चिन्मय सुतार का करियर अभी बेहद नया है और यह उनका केवल दूसरा ही फर्स्ट-क्लास यानी प्रथम श्रेणी मुकाबला था, क्योंकि इससे पहले उन्होंने मणिपुर के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में ही शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली पारी में 35 और दूसरी पारी में 99 रन बनाए थे, जिसके चलते मात्र 1 रन से शतक से चूकने वाले चिन्मय ने अपने अगले ही मैच में चौहरा शतक जड़कर सनसनी फैला दी है। साल 1997 में जन्मे करीब 29 वर्षीय चिन्मय सुतार ने लिस्ट 'ए' क्रिकेट में भी अपने जौहर दिखाते हुए 4 पारियों में एक शतक यानी नाबाद 104 रन की मदद से 134 रन बनाए हैं, जिससे रणजी ट्रॉफी के इस सीजन में उनकी इस ऐतिहासिक और साहसिक पारी ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय घरेलू क्रिकेट में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और आने वाले मुकाबलों में निश्चित रूप से इस युवा खिलाड़ी के खेल पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग करने वाले 3 शूटर राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार; नेपाल भागने की फिराक में थे आरोपी ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]