यूनिक समय, नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस हाई-प्रोफाइल मामले से जुड़े चौंकाने वाले और सनसनीखेज खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किए गए हथियार पंजाब के अमृतसर से सप्लाई किए गए थे। इस मामले में पुलिस ने लॉरेंस गैंग के नेटवर्क से जुड़े चार और नए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 'डेड लेटर बॉक्स' तकनीक से हुई हथियारों की तस्करी पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल और 20 कारतूसों को जुटाने का जिम्मा हरियाणा के सोनीपत निवासी कुणाल (21) और सुमित (19) को सौंपा गया था। ये दोनों आरोपी लॉरेंस गैंग के सक्रिय सदस्य अनिल पंडित के निर्देश पर काम कर रहे थे। हथियार उठाने के लिए आरोपियों ने बेहद शातिर तरीका अपनाया, जिसे 'डेड लेटर बॉक्स' कहा जाता है। इसके तहत हथियार रखने वाले ने अमृतसर में एक पहले से तय गुप्त जगह पर पिस्टल और कारतूस छिपा दिए थे, जिसे कुणाल और सुमित ने बिना किसी से आमने-सामने मिले वहां से उठा लिया। अनिल पंडित इन दोनों के लगातार संपर्क में था और पूरी साजिश एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए रची जा रही थी। महिलाओं के जरिए मुंबई पहुंचाए गए हथियार हथियार अमृतसर से लाने के बाद उन्हें मुंबई तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी दो महिलाओं—राधा (23) और बबीता (23)—को दी गई थी। ये दोनों उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं और वर्तमान में सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं। जांच में सामने आया है कि कुणाल की मुलाकात करीब दो महीने पहले राधा से हुई थी। कुणाल ने ही अपनी गर्लफ्रेंड राधा को इस खतरनाक टास्क में शामिल किया था, जो बबीता के साथ इन हथियारों को लेकर मुंबई तक पहुंची थीं। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे सिंडिकेट को चलाने के लिए अनिल पंडित ने आरोपियों को कुल 70 से 80 हजार रुपए दिए थे, जिसमें से 10 से 12 हजार रुपए इन दोनों महिलाओं को कूरियर के रूप में दिए गए थे। मुख्य शूटर पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार इससे पहले दिल्ली और राजस्थान पुलिस के संयुक्त अभियान में सोमवार को कोटा से तीन मुख्य आरोपियों—बिहार के ऋतिक तथा हरियाणा के रेहान और फूल सिंह—को गिरफ्तार किया गया था। बुधवार को इन तीनों मुख्य आरोपियों को कोटा से ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया गया, जहां मेडिकल जांच के बाद उन्हें एंटी एक्सटॉर्शन सेल (AEC) के ऑफिस में पूछताछ के लिए ले जाया गया और बाद में कोर्ट में पेश किया गया। कब और कैसे हुई थी घटना? गौरतलब है कि 18 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे मुंबई के पॉश इलाके जुहू में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। टाइगर श्रॉफ जब फुटबॉल क्लब से प्रैक्टिस के बाद अपने घर लौट रहे थे, तभी यह हमला हुआ। गनीमत यह रही कि इस जानलेवा हमले में टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए, हालांकि उनके ड्राइवर को मामूली चोटें आई थीं। फिलहाल, मुंबई क्राइम ब्रांच इस पूरे अंडरवर्ल्ड सिंडिकेट और गैंग के अन्य स्लीपर सेल की गहरी छानबीन में जुटी हुई है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Jio IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ आते ही QIB कैटेगरी में मची जोरदार होड़; मिनटों में हुआ फुल सब्सक्राइब ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]