यूनिक समय, नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का मेगा आईपीओ (IPO) आज, 21 अक्टूबर 2026 से निवेशकों के लिए खुल गया है। शेयर बाजार में इस आईपीओ को लेकर निवेशकों के बीच जबरदस्त दिलचस्पी देखने को मिल रही है। आईपीओ के खुलते ही बड़े संस्थागत निवेशकों ने इसमें जमकर बोलियां लगाई हैं। सब्सक्रिप्शन और निवेशकों का रुझान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर उपलब्ध शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की कैटेगरी महज 28 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गई। सुबह 10 बजे तक QIB कैटेगरी का सब्सक्रिप्शन स्तर 2.86 गुना तक पहुंच गया। इसमें म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां और अन्य बड़े संस्थागत निवेशक शामिल हैं। हालांकि, इसके मुकाबले गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की कैटेगरी में 11 फीसदी और रिटेल निवेशकों के हिस्से में 8 फीसदी बोलियां मिली हैं। सुबह 11 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक आम निवेशक कैटेगरी में आईपीओ 32%, कर्मचारियों का कोटा 75% और रिलायंस शेयरहोल्डर्स का कोटा 60% तक सब्सक्राइब हो चुका है। एंकर निवेशकों से जुटाए गए 8,109 करोड़ रुपये आईपीओ खुलने से ठीक पहले 19 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स ने 212 एंकर निवेशकों से लगभग 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए थे। इन दिग्गज निवेशकों में ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, जेपी मॉर्गन और फ्रैंकलिन टेम्पलटन जैसे बड़े वैश्विक नाम शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एंकर निवेशकों की ओर से इस आईपीओ के लिए करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम मांग आई थी, जो भारतीय आईपीओ बाजार में एक बड़ा रिकॉर्ड है। प्राइस बैंड और निवेश से जुड़ी मुख्य बातें कंपनी इस आईपीओ के जरिए 27 करोड़ शेयर जारी करके कुल 30,188 करोड़ रुपये जुटाएगी और लिस्टिंग के बाद इसका मार्केट कैप 10.30 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इस आईपीओ के लिए शेयर का मूल्य दायरा यानी प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 तय किया गया है। यह आईपीओ 21 अक्टूबर से शुरू होकर 23 अक्टूबर 2026 तक निवेश के लिए खुला रहेगा। रिटेल निवेशक कम से कम 1 लॉट यानी 12 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसमें अपर प्राइस बैंड ₹1,119 के हिसाब से न्यूनतम ₹13,428 का निवेश करना होगा और निवेशक अधिकतम 14 लॉट यानी 168 शेयरों के लिए ₹1.87 लाख तक का निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, इस आईपीओ में कर्मचारियों के लिए ₹500 करोड़ (प्रति शेयर ₹54 की छूट के साथ) और रिलायंस के योग्य शेयरहोल्डर्स के लिए ₹2,500 करोड़ के शेयर रिजर्व रखे गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही संस्थागत निवेशकों की भागीदारी मजबूत है, लेकिन निवेशकों को निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, मूल्यांकन और अपने जोखिम उठाने की क्षमता का पूरा ध्यान रखना चाहिए। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Harmanpreet Kaur: जिम्बाब्वे के खिलाफ 91 रनों की तूफानी पारी खेलने के बाद भावुक हुई हरमनप्रीत कौर; देखे वीडियो ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]